👉 बागवानी फसल,सूर्यघर, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए किया प्रोत्साहित
शिविर में 163 आवेदनों का हुआ निराकरण
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव् साय की मंशा के अनुरूप कोरबा जिले में 01 मई से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सुशासन तिहार के तहत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को कोरबा ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम केराकछार में 10 ग्राम पंचायतों के क्लस्टर के साथ जनसमस्या निवारण शिविर लगाकर ग्रामीणों से आवेदन प्राप्त किए गए और विभिन्न योजनाओं के तहत उन्हें लाभान्वित किया गया।


शिविर में कलेक्टर कुणाल दुदावत, जनपद अध्यक्ष श्रीमती बीजमोती राठिया, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया, जनपद सदस्य एवं सरपंच उपस्थित रहे। शिविर के दौरान कुल 641 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 163 आवेदनों का निराकरण तत्काल मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष आवेदनों के समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
स्टॉल निरीक्षण के पश्चात ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री दुदावत ने बताया कि यह शिविर ग्रामीणों की समस्याएँ सुनने और उनके निराकरण के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी लेने और आवेदन जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया। कलेक्टर ने कहा कि प्राप्त आवेदनों की समय-सीमा में समीक्षा कर निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
कलेक्टर ने किसानों को बताया कि शासन द्वारा किसानों का पंजीयन एग्रीस्टेक पोर्टल में किया जा रहा है, जिससे धान विक्रय एवं अन्य योजनाओं का लाभ उन्हें आसानी से मिलेगा। 15 मई से 15 जून तक पंजीयन की प्रक्रिया जारी रहेगी, जिसके लिए उन्होंने ग्रामीणों से कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर पंजीयन कराने की अपील की। बागवानी फसल को बढ़ावा देने की बात करते हुए उन्होंने जानकारी दी कि जिला प्रशासन द्वारा बागवानी फसल के लिए 90 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है। किसान आपसी सहयोग से 8 से 10 एकड़ क्षेत्र में बागवानी फसल ले सकते हैं। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को पशुपालन और मछलीपालन को आजीविका का साधन बनाने हेतु प्रेरित किया।


क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के विषय में कलेक्टर ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा रखी गई डेम-बांध की मांग पर जलसंसाधन विभाग को प्रस्ताव तैयार करने निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बुंदेली की स्व-सहायता समूह द्वारा निर्मित वॉशिंग पाउडर की सराहना करते हुए कहा कि महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन हर संभव सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि रेडी टू ईट सामग्री का निर्माण अब जिले में महिला समूहों द्वारा किया जा रहा है, जिससे महिलाएँ कौशल विकास और अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं।
कलेक्टर श्री दुदावत ने डिजिटल सेवाओं के विस्तार के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट 2.0 के माध्यम से 442 ऑनलाइन सेवाएँ उपलब्ध हैं, जिन्हें कोई भी नागरिक चॉइस सेंटर के माध्यम से प्राप्त कर सकता है। इसमें निर्धारित समय सीमा और विलंब पर कार्यवाही का प्रावधान भी शामिल है। मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के अंतर्गत अधिक बिल आने और भुगतान न हो पाने की स्थिति में सरचार्ज माफी का लाभ लिए जाने के लिए भी उन्होंने ग्रामीणों को प्रेरित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सोलर सिस्टम स्थापित करने पर शासन द्वारा सब्सिडी दी जा रही है, जिससे बिजली बिल शून्य हो सकता है तथा अतिरिक्त बिजली बेचकर आमदनी भी प्राप्त की जा सकती है।
कलेक्टर ने स्कूलों में विद्यार्थियों के बायोमैट्रिक अपडेट किए जाने की जानकारी देते हुए अभिभावकों से बच्चों का आधार अपडेट कराने की अपील भी की। शिविर के दौरान प्राप्त मांगों पर उन्होंने गंभीरता से विचार किया। कोरकोमा में हायर सेकंडरी स्कूल भवन नहीं होने और मिडिल स्कूल में संचालन की स्थिति को देखते हुए हायर सेकंडरी के लिए नए भवन की स्वीकृति डीएमएफ से देने की घोषणा की। कोरकोमा से रजगामार सड़क निर्माण को एसईसीएल सीएसआर मद से स्वीकृति दिलाने, केरवाद्वारी से केराकछार मार्ग पर पुलिया निर्माण को डीएमएफ से स्वीकृति प्रदान करने तथा 1979 से संचालित प्राथमिक शाला केराकछार को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने की सहमति दी।
जनपद अध्यक्ष श्रीमती बीजमोती राठिया और जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों के लिए अत्यंत लाभदायक हैं और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुँच रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ दिनेष क्रुमार नाग, एसडीएम सरोज महिलांगे सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी, जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

