दिल्ली। दिल्ली के मालवीय नगर के रस्टोरेंट में भीषण आग लग गई है। इस आग की वजह से अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। मौके पर दमकल की गाड़ियां मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि यह आग तीन मंजिल तक फैल लग गई थी और एक बड़ा क्षेत्र धुएं के गुबार से ढक गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा को बुधवार सुबह 9:45 बजे एक रेस्टोरेंट में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। दमकल कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
🔥 लगने का कारण अभी साफ नहीं

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मालवीय नगर के इस रेस्टोरेंट में यह भीषण आग कैसे लगी, लेकिन हादसे में 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बताया जा रहा है कि इस समय भी कुछ लोग रेस्टोरेंट के अंदर फंसे हुए हैं जिन्हें बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। राजधानी दिल्ली में इस तरह का अग्निकांड कोई पहली बार देखने को नहीं मिला है। इससे पहले भी दिल्ली के कई अलग-अलग इलाकों में इसी तरह की भीषण आग लग चुकी है। कभी प्रशासन की लापरवाही तो कभी आम लोगों की चूक की वजह से इस प्रकार के दर्दनाक हादसे होते रहे हैं, जिनमें कई मासूम लोग अपनी जान गंवा देते हैं।
👉दिल्ली सरकार क्या एक्शन ले रही है?
इससे पहले दिल्ली के विवेक विहार और पालम जैसी आग की बड़ी घटनाओं को गंभीरता से दिल्ली सरकार ने व्यापक स्तर पर ‘अग्निशमन मास्टर प्लान’ तैयार करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना को तैयार करने को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। खासकर, भीषण गर्मी के मौसम में आग लगने की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने और जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए यह योजना तैयार की जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संबंधित विभागों को निर्देश देते हुए कहा है कि वह इस मामले से जुड़े सभी प्रासंगिक तथ्यों और ब्यौरे को अगले 10 दिनों के भीतर पेश करेंगे। सरकार आग से सुरक्षा और बचाव को बढ़ावा देने के लिए एक जागरूकता अभियान भी जल्द शुरू करेगी।
हादसों के चलते सरकार ने आदेश जारी किया है कि सभी विभागों को अगले 10 दिनों के भीतर अपने अधिकार क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा की कमियों और आवश्यक संसाधनों की सूची सौंपनी होगी। इसके अलावा हॉस्पिटल और क्लीनिक का ऑडिट किया जाएगा और अस्पतालों के अग्नि सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की जाएगी।
