CG : जल अर्पण समारोह में डिप्टी CM के सामने ही ग्रामवासियों ने खोल दी JJM में भ्रष्टाचार लापरवाही की पोल, नवनिर्मित योजना से नहीं हो रही नियमित जलापूर्ति , CE हुए सख्त,EE को नोटिस जारी कर 7 दिवस के भीतर मांगा जवाब….

हसदेव एक्सप्रेस न्यूज रायपुर -कोंडागांव । जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में स्वीकृत योजनाओं की रफ्तार ही धीमी नहीं अफसर शासन के आंखों में धूल झोंकने आधी अधूरी योजनाओं को भी कागजों में पूर्ण बता वाहवाही लूट रहे। जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है,जनता भीषण गर्मी में जल संकट से जूझ रही है। कुछ ऐसी ही चालबाजियां कोंडागांव के कार्यपालन अभियंता वीरेंद्र पांडेय को भारी पड़ गया है। ग्रामीणों ने हर जल अपर्ण कार्यक्रम में पहुंचे प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री अरुण साव के समक्ष ही नवनिर्मित योजना से नियमित जलापूर्ति नहीं होने से भीषण गर्मी में समुचित लाभ नहीं मिलने की पीड़ा बयां की । प्रमुख अभियंता के.के.मरकाम ने ईई श्री पांडेय के शासकीय कार्यों के प्रति घोर लापरवाही व गुणवत्तापरक कार्य नहीं संपादन नहीं होने से शासन की छवि धूमिल होने पर सख्ती रुख अपनाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।

दरअसल 05 जून को उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंत्री अरुण साव का ग्राम बेड़मा, विकासखण्ड केशकाल, जिला कोण्डागांव में प्रवास के दौरान जल जीवन मिशन अंतर्गत जल अर्पण समारोह का आयोजन किया गया था। समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामवासियों से नव निर्मित योजना के संचालन-संधारण के संबंध में चर्चा की गई। ग्रामवासियों द्वारा चर्चा के दौरान मंत्री के समक्ष शिकायत की गई कि योजना के सुचारू रूप से कार्यरत नहीं होने के कारण ग्राम में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है एवं योजना का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रमुख अभियंता के.के.मरकाम ने उप मुख्यमंत्री श्री साव की नाराजगी उपरांत सख्त रुख अपनाया है। ग्रीष्म ऋतु के दौरान नवनिर्मित योजना से जलापूर्ति नहीं होने की शिकायत,ईई का शासकीय कार्यों के प्रति घोर लापरवाही व गुणवत्तापरक कार्य संपादन नहीं होने की ओर इंगित करता है। कार्यप्रणाली से तत्समय अप्रिय एवं असहज स्थिति निर्मित हुई, जिससे विभाग की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। जिसे देखते हुए कार्यपालन अभियंता वीरेंद्र पांडेय को कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
स्पष्टीकरण विलंब से अथवा प्राप्त न होने की स्थिति में या समाधान कारक न होने पर ईई के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।