👉 गाली-गलौज, स्कूटी की चाबी छीनने, रुपये की मांग और मानसिक प्रताड़ना से आत्महत्या का प्रयास किया, SC/ST एक्ट समेत कई धाराएं लगीं
कोरिया-बैकुंठपुर । जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय नाबालिग आदिवासी छात्रा को कथित तौर पर चोरी के आरोप में मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के बाद छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के विरोध में चक्काजाम प्रदर्शन उपरांत दिवंगत पूजा के पिता आरक्षक की शिकायत पर बैकुंठपुर पुलिस ने आई.सी. मार्ट के संचालक दीपक बैंद, विनोद बैंद और जगत बैंद के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।पुलिस की कार्रवाई से हड़कम्प मचा है।






दर्ज एफआईआर के अनुसार, प्रार्थी पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने बताया कि उनकी नाबालिग बेटी 7 जुलाई 2026 की शाम अपनी छोटी बहन के साथ आई.सी. मार्ट में खरीदारी करने गई थी। इसी दौरान दुकान संचालकों ने उस पर चोरी का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज की, स्कूटी की चाबी छीन ली और कथित रूप से दुकान के भीतर ले जाकर उसका बैग व अन्य सामान खुलवाकर तलाशी ली। शिकायत में आरोप है कि दुकानदारों ने बिना किसी ठोस आधार के छात्रा को अपमानित किया और चोरी किए गए सामान की कीमत बताते हुए पहले 20 हजार रुपये देने का दबाव बनाया।
एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि अगले दिन जब पिता अपनी बेटी के साथ दुकान पहुंचे तो कथित तौर पर 20 हजार रुपये के बजाय 50 हजार रुपये की मांग की गई। रुपये नहीं होने की बात कहने पर वे वापस घर लौट आए। इसके बाद जब उन्होंने बेटी से घटना की पूरी जानकारी ली तो उसने बताया कि दुकान में मौजूद लोगों ने उसे अपमानित करते हुए जातिसूचक और आपत्तिजनक बातें कहीं, यह कहा कि आदिवासी लोग चोरी करते हैं और उन्हें सुधारा नहीं जा सकता। शिकायत के अनुसार, इस घटना से छात्रा गहरे मानसिक आघात में चली गई।
पिता ने आरोप लगाया है कि लगातार अपमान और मानसिक प्रताड़ना से व्यथित होकर उनकी बेटी ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। घटना के समय परिजन समय रहते पहुंच गए, जिससे उसकी जान बच गई।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों की प्रताड़ना, गाली-गलौज, चोरी का झूठा आरोप, स्कूटी की चाबी छीनना, रुपये की मांग तथा जातिसूचक अपमान के कारण नाबालिग मानसिक रूप से टूट गई और आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर हुई।
पुलिस ने मामले में दीपक बैंद, विनोद बैंद और जगत बैंद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 107, 308(2), 309(4) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की विवेचना जारी है।
