CG : रेत की रंजिश में BJP नेता समेत 3 को जिंदा जलाने का केस अब CBI हवाले,सरकार की मंजूरी के बाद मामले में आया नया मोड़, जांच कार्रवाई पर टिकी जनता की निगाहें …

कोरिया । छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में बीजेपी नेता समेत 3 लोगों की हत्या के मामले में साय सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच को मंजूरी दे दी है। पीड़ित परिवार इस मामले की CBI जांच की मांग कर रहा था। दरअसल, 16 जून की रात नौगई गांव में आरोपियों ने रेत तस्करी विवाद में फॉर्च्यूनर में पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी।

कार में एक ही परिवार के 5 लोग सवार थे। हादसे में भाजपा नेता लल्ला सिंह और नागेंद्र सिंह की जलने से मौत हो गई। वहीं, आरोपियों ने लल्ला सिंह के भाई का गला फरसे से काट दिया था। इस केस में अब तक 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

👉रेत तस्करी से अवैध उगाही को लेकर बढ़ा विवाद

जानकारी के मुताबिक रेत के अवैध खनन को लेकर लल्ला सिंह के परिवार का भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से विवाद चल रहा था। चिरमी के रेत घाट का ठेका करीब 8 माह पहले मयंक सिंह के नाम पर मिला था। इसके बाद मयंक सिंह और उनका परिवार सोनहत, कैलाशपुर और तेलीमुड़ा, बेलिया और छिंगुरा से निकलने वाले अवैध रेत से भी वसूली शुरू कर दी।

भाजपा नेता लल्ला सिंह और उनके परिवार के सदस्य फार्च्यूनर में हूटर बजाते हुए चलते थे। मयंक सिंह प्रति हाईवा 1000 रुपए का शुल्क लेता था। जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में एक हाईवा रेत 5000 रुपये तक में बिकती है।

त्रिपाठी परिवार के पास कुछ टीपर वाहन हैं, जिनसे वे रेत निकालकर जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में बेचते थे। त्रिपाठी परिवार दूसरे घाट से निकाले गए रेत का पैसा देने तैयार नहीं था, जिसे लेकर कई माह से दोनों परिवारों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी।

👉शिकायत दर्ज कर हटवाया हूटर, मारपीट से बढ़ा तनाव

भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े करीबी और दबंग नेता थे। आरोपी मनोज त्रिपाठी पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और भाजपा विधायक रेणुका सिंह का करीबी नेता माना जाता है।

भरत सिंह की फार्च्यूनर गाड़ी में हूटर लगाए जाने की शिकायत सोनहत थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह के दबाव में कार्रवाई कर हूटर हटवा दिया था, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया।

मंगलवार को त्रिपाठी परिवार के निशांत त्रिपाठी के साथ सिंह परिवार के मयंक सिंह, उत्कर्ष सिंह, लवकुश सिंह और अन्य ने नौगईं के शिवघाट के पास मारपीट कर दी। मामले में एफआईआर सोनहत थाने में दर्ज कराई गई थी। यह घटना हत्याकांड की वजह बन गई।

👉समझौते के लिए नौगई पहुंचे थे लल्ला सिंह

मंगलवार (16 जून) को नौगई में हुई मारपीट की घटना के बाद लल्ला सिंह अपने भाईयों और अन्य लोगों के साथ नौगई पहुंचे। सिंह परिवार के अनुसार लल्ला सिंह समझौते के लिए नौगई पहुंचे थे। इस दौरान आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हमला कर दिया। परिजनों ने कहा कि आरोपियों का एनकाउंटर होना चाहिए। साथ ही निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच कराने की मांग की।

पुलिस मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों अक्षत त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, मन्नू त्रिपाठी और विशाल त्रिपाठी को साथ लेकर घटनास्थल पर पहुंची थी। पुलिस ने मौके पर घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली। वारदात मनोज त्रिपाठी के घर के सामने ही हुई है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गुरुवार शाम कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

👉सिंहदेव बोले-नियंत्रण नहीं, रेत का ठेका प्रथा बंद करें

पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि दोनों परिवारों के विवाद और तनाव की जानकारी पुलिस को थी, इसके बाद भी तीन लोगों की हत्या हो गई। रेत माफिया इतने हावी हैं कि छत्तीसगढ़ और झारखंड बार्डर में एक शासकीय कर्मचारी की हत्या कर दी जाती है। कितने ही स्थानों पर मारपीट हुई है। जब आप इसको कंट्रोल नहीं कर सकते तो ठेका प्रथा को बंद करिए।

सोर्स -dainikbhaskar.com