CG : राजधानी में भाजपा-कांग्रेस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं पर गैर-जमानती धाराओं में FIR से गरमाई सियासत ,कांग्रेस का पलटवार, PCC चीफ बैज बोले – चूड़ियां नहीं पहनी, भूपेश ने पुलिस अफसरों को दी चेतावनी …

रायपुर । रायपुर में भाजपा-कांग्रेस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज होने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। खम्हारडीह थाने में दर्ज मामले के विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज समेत कई वरिष्ठ नेता गुरुवार को थाने पहुंचे और कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पार्टी इस कार्रवाई से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा, “हम चुप बैठने वाले नहीं हैं, हमने चूड़ियां नहीं पहनी हैं।

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा बदले की भावना से काम कर रही है और कांग्रेस इसका राजनीतिक व कानूनी दोनों स्तर पर जवाब देगी। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय और कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ, लेकिन कार्रवाई उल्टा कांग्रेस नेताओं पर कर दी गई। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पत्रकार घायल हुए, इसके बावजूद एफआईआर कांग्रेस के खिलाफ दर्ज की गई। भूपेश बघेल ने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती और अधिकारियों को अपने आचरण का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ज्यादा दिनों की मेहमान नहीं है और राजनीतिक जवाब जनता देगी।

घटनाक्रम के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने अपना बस्तर दौरा बीच में ही रद्द कर रायपुर लौटने का फैसला लिया। उन्होंने राजीव भवन में वरिष्ठ नेताओं के साथ आपात बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की। पार्टी अब इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाने की तैयारी में है। दरअसल, बुधवार को रायपुर में भाजपा और कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए थे। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया। घटना के बाद पुलिस ने कांग्रेस के 12 नामजद नेताओं और कई अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसके बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।