नई दिल्ली। NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष लगातार विरोध कर रहा है। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। करीब 4 मिनट बाद ही इसे 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार के बाहर प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ नारे लगाए।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- पीएम मोदी को सदन में बयान देना चाहिए, तभी हम उनकी बातों को सही मानेंगे। रात 12 बजे बयान जारी करने के बजाय उन्हें सदन में बोलना चाहिए।
👉दोपहर 1 बजे संसद में कैबिनेट की बैठक
इधर, भाजपा ने व्हिप जारी कर शुक्रवार को संसद सत्र के दौरान एनडीए के सांसदों को सदन में मौजूद रहने को कहा है। दोपहर 1 बजे संसद में कैबिनेट की बैठक होगी। पीएम ने वीडियो मैसेज जारी कर कहा था कि, पेपर लीक में सजा से जुड़ा प्रस्ताव बैठक में रखा जाएगा।
👉कानून मंत्री बोले- पीएम ने कल एक बड़ा फैसला लिया
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, प्रधानमंत्री ने कल फैसला किया कि पेपर लीक से जुड़े जो मामले अदालतों में लंबित हैं, उनकी सुनवाई के लिए खास तौर पर फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। ये कोर्ट रोजाना सुनवाई करेंगे, तेजी से ट्रायल करेंगे और तय समय में जांच पूरी करेंगे ताकि युवाओं को न्याय मिल सके। यह एक बड़ा फैसला है।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा, क्या विपक्ष सांसद होने की जिम्मेदारी निभा रहा है? अगर उनके पास मुद्दे हैं तो वे संसद में आकर चर्चा करें। प्रधानमंत्री भी चर्चा की बात कह चुके हैं और सरकार भी बहस के लिए तैयार है। फिर विपक्ष सदन से बाहर प्रदर्शन क्यों कर रहा है?
