बिलासपुर । सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में सड़कों पर बढ़ती खतरनाक स्टंटबाजी को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। बिलासपुर-कोनी नेशनल हाईवे पर चलती कार की सनरूफ से बाहर निकलकर युवतियों द्वारा रील बनाने के वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने बिलासपुर SSP से व्यक्तिगत हलफनामा तलब किया है। अदालत ने पूछा है कि इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने कौन से ठोस कदम उठाए हैं।

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सड़कों पर इस तरह की स्टंटबाजी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों की जान को भी गंभीर खतरे में डालती है। अदालत ने केवल कार्रवाई के दावों से संतुष्ट होने के बजाय पुलिस प्रशासन से जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से शपथपत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से अदालत को बताया गया कि वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने संबंधित कार और उसमें सवार युवतियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
वाहन चालक और स्टंट करने वालों की पहचान की जा रही है तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल एफआईआर दर्ज करना या जांच शुरू करना पर्याप्त नहीं है। अदालत ने बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह से यह भी बताने को कहा है कि पूर्व में दिए गए न्यायालय के निर्देशों का पालन किस तरह सुनिश्चित किया गया और भविष्य में सड़कों पर इस तरह की जानलेवा स्टंटबाजी रोकने के लिए क्या स्थायी और प्रभावी व्यवस्था की जाएगी। दरअसल, हाल ही में कोनी-सेंदरी मार्ग पर चलती कार की सनरूफ से बाहर निकलकर युवतियों के रील बनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है, जहां गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज और कृषि विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थान स्थित हैं।
ऐसे में इस तरह की लापरवाही किसी भी समय बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकती थी। हाईकोर्ट ने पहले भी सार्वजनिक सड़कों पर स्टंटबाजी और रील बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए अदालत ने इस बार जवाबदेही तय करने की दिशा में सख्त रुख अपनाया है। मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होगी, जिसमें एसएसपी की ओर से दाखिल हलफनामे और पुलिस की कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट की यह सख्ती प्रदेश में सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और सोशल मीडिया के लिए जान जोखिम में डालने वाले स्टंट पर लगाम लगाने की दिशा में अहम साबित हो सकती है।
