नई दिल्ली। नेपाल में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग समेत कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। बाढ़ के साथ आए कीचड़ और मलबे ने कई बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नेपाल में बाढ़ से अब तक 332 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। चितवन में 121, नवलपरासी ईस्ट में 74, धादिंग और गोरखा में 29-29, नुवाकोट में 28, तनहुन में 19, रसुवा में 17 और नवलपरासी वेस्ट में 15 शव बरामद किए गए हैं।
👉288 भारतीयों से संपर्क नहीं

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक, नेपाल में 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें 73 भारतीय त्रिशूली वन पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं। वहीं, विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फंसे तमिलनाडु के 21 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है।
👉प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल के पीएम से की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत कर आपदा पर दुख जताया। भारत की ओर से नेपाल को राहत और बचाव सामग्री भेजी जा रही है। भारत ने प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के जरिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
👉नदियों के किनारे जाने से बचने की अपील

बाढ़ के खतरे को देखते हुए अधिकारियों ने लोगों को भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी समेत प्रमुख नदियों के किनारे से दूर रहने की चेतावनी दी है। नेपाल की सेना ने राहत और बचाव कार्य के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। हालांकि, रसुवा जिले के पहाड़ी इलाकों में स्याफ्रुबेसी और टिमुरे जैसे स्थानों पर खराब हालात के कारण हेलीकॉप्टर उतारने में भी दिक्कतें आ रही हैं।
👉अचानक आई बाढ़ से तबाही
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के अनुसार, भूकंप के कारण बर्फ और चट्टानों का बड़ा हिस्सा खिसकने से नदी का रास्ता अवरुद्ध हुआ, जिसके बाद अचानक बाढ़ आ गई। बुधवार सुबह करीब 8:37 बजे आए भूकंप के बाद यह स्थिति बनी।
👉प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाया खौफनाक मंजर
रसुवा जिले के सीमावर्ती शहर तिमुरे में बाढ़ ने कुछ ही समय में भारी तबाही मचा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पानी इतनी तेजी से आया कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पूरे बाजार और बस्ती को देखते ही देखते बाढ़ ने अपनी चपेट में ले लिया और ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो।
👉कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए लोग भी फंसे

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए करीब 200 लोग नेपाल में फंसे हुए हैं। लापता लोगों की तलाश और प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने का अभियान जारी है।
👉चीन में भी भूस्खलन से नुकसान
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, भूस्खलन के कारण शिगात्से क्षेत्र में सड़क, संचार और बिजली व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
👉बिहार में भी प्रशासन अलर्ट

नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार में भी प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बगहा स्थित वाल्मीकि बैराज पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जल संसाधन विभाग के अनुसार, नदी के आसपास के जिलों में प्रशासन को सतर्क रखा गया है।
👉पिछले साल भी आई थी बाढ़
भोटेकोशी नदी में पिछले साल भी बाढ़ आई थी, जिसमें 9 लोगों की मौत हुई थी। उस दौरान सड़क, बिजली संयंत्र और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा था।
