नेपाल । नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद भारत ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि नेपाल में फंसे भारतीयों को निकालने के साथ-साथ भारत लगातार राहत सामग्री भी भेज रहा है।
वहीं चीन की तरफ करीब 400 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और उन्हें भी वहां से निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बता दें कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में कम से कम 552 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,500 से अधिक लोग लापता हैं। नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। MEA ने कहा कि लगभग 320 भारतीय और 100 भारतीय मूल के लोगों से अभी भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।
👉चीन की तरफ 400 भारतीय सुरक्षित
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि चीन की तरफ करीब 400 भारतीय नागरिक मौजूद हैं और फिलहाल सभी सुरक्षित हैं। इनमें से कई लोग अपने परिवार के संपर्क में हैं। भारतीय दूतावास भी इन लोगों के लगातार संपर्क में है। चीन में मौजूद भारतीयों के परिवारों ने भी दूतावास की ओर से चलाए जा रहे हेल्पलाइन नंबरों के जरिए संपर्क किया है। दूतावास चीन के स्थानीय अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहा है, ताकि वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित तरीके से निकाला जा सके।
👉भारत ने नेपाल के लिए भेजी राहत सामग्री
नेपाल में आपदा सामने आने के तुरंत बाद भारत ने मानवीय सहायता भेजने की तैयारी शुरू कर दी थी। जायसवाल के मुताबिक, 26 अगस्त की शाम पहला विमान राहत सामग्री लेकर रवाना हुआ। इस विमान में करीब 10 टन राहत सामग्री भेजी गई। इसमें अस्थायी शेल्टर, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल थीं। इसके बाद 27 अगस्त सुबह करीब 10:30 बजे दूसरा विमान नेपाल के लिए रवाना हुआ। इस विमान में करीब 37.5 टन राहत सामग्री भेजी गई। भारत अब तीसरी उड़ान भेजने पर भी विचार कर रहा है, जिसके 27 अगस्त की शाम रवाना होने की उम्मीद है।
👉21 भारतीय नागरिक दिल्ली पहुंचे
राहत अभियान के बीच भारतीय नागरिकों को लेकर एक अच्छी खबर भी सामने आई है। रणधीर जायसवाल ने बताया कि 21 भारतीय नागरिक, जो बाढ़ प्रभावित इलाके से काठमांडू पहुंचे थे, अब सुरक्षित दिल्ली पहुंच गए हैं। ये सभी 21 लोग तमिलनाडु से हैं। जायसवाल ने बताया कि भारतीय राजदूत ने काठमांडू में इन लोगों से मुलाकात कर उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली थी।
👉त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के 63 भारतीय भी सुरक्षित
इसके अलावा त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 63 भारतीय नागरिकों को भी बचा लिया गया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन भारतीय नागरिकों को भी 27 अगस्त को रेस्क्यू किया गया था। इस तरह बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे कई भारतीयों को सुरक्षित निकालने में सफलता मिली है।
👉चीन की तरफ से 96 भारतीय नेपाल पहुंचे

रणधीर जायसवाल ने बताया कि चीन की तरफ फंसे 96 भारतीय नागरिक सुरक्षित तरीके से जमीन के रास्ते नेपाल पहुंच गए हैं। अब उन्हें भी वहां से निकालने की कोशिश की जा रही है। भारतीय अधिकारी इन लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और आगे की यात्रा में मदद करने के लिए काम कर रहे हैं।
👉320 भारतीयों से अभी संपर्क नहीं
हालांकि, नेपाल में फंसे भारतीयों को लेकर चिंता अभी बनी हुई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस समय करीब 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है या वे लापता बताए जा रहे हैं। इन लोगों का पता लगाने और उनके बारे में जानकारी जुटाने के प्रयास जारी हैं। विदेश मंत्रालय लगातार स्थानीय अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है।
👉करीब 100 भारतीय मूल के लोग भी संपर्क से बाहर
जायसवाल ने यह भी बताया कि करीब 100 भारतीय मूल के लोग अभी संपर्क से बाहर हैं। ये लोग संभवत: कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गए थे, लेकिन इनके पास दूसरी देशों की नागरिकता है। इस वजह से इन्हें भारत के लापता भारतीय नागरिकों के आंकड़े से अलग रखा जा रहा है।
