सक्ती। किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए सक्ती जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। नवपदस्थ कलेक्टर जयश्री जैन के निर्देश पर कृषि विभाग ने जिलेभर में खाद, बीज और कीटनाशक विक्रय केंद्रों के खिलाफ व्यापक जांच अभियान शुरू किया है। औचक निरीक्षण के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले विक्रेताओं पर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन की इस मुहिम से कृषि सामग्री विक्रेताओं में हड़कंप मचा हुआ है।
👉23 विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस, एक फर्म का लाइसेंस निरस्त

खरीफ सीजन 2026-27 को देखते हुए कृषि विभाग ने जिले में उर्वरक, बीज और कीटनाशक की गुणवत्ता एवं बिक्री व्यवस्था की निगरानी तेज कर दी है। अब तक किए गए निरीक्षण में 21 संदिग्ध कीटनाशक नमूने लिए गए हैं, जिन्हें गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
वहीं, विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं सामने आने पर 23 विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वाली एक फर्म का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद बिना नियमों के कृषि सामग्री बेचने वाले दुकानदारों में खलबली मची हुई है।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को किसी भी कीमत पर नकली, अमानक या गुणवत्ताहीन कृषि सामग्री की बिक्री नहीं होने दी जाएगी।
“किसानों को उच्च गुणवत्तायुक्त उर्वरक, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। गुणवत्ताहीन सामग्री बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।”
— उप संचालक कृषि, सक्ती
👉डभरा में 2 कृषि केंद्रों पर बड़ी कार्रवाई
इसी अभियान के तहत विकासखंड डभरा में भी कृषि विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया। विकासखंड स्तरीय निरीक्षण दल ने दीपक कृषि केंद्र, पेंड्रावां और भानु कृषि केंद्र, अमलडीहा का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान दोनों फर्मों में स्टॉक बुक, वितरण पंजी और अवसान पंजी का संधारण नहीं पाया गया। कृषि विभाग ने इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन माना।
मामले में कीटनाशक निरीक्षक ने दोनों फर्मों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही आगामी 30 दिनों तक उनके उर्वरक एवं कीटनाशक विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है।
निरीक्षण टीम ने संचालकों को निर्देश दिए कि दुकान में लाइसेंस का स्पष्ट रूप से प्रदर्शन किया जाए और वितरण पंजी, बिल बुक समेत सभी आवश्यक अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यतन रखा जाए।
👉किसानों के हित से खिलवाड़ पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला प्रशासन की कार्रवाई से साफ है कि सक्ती में कृषि सामग्री की गुणवत्ता और बिक्री व्यवस्था को लेकर अब किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कृषि विभाग की टीमें आने वाले दिनों में भी जिले के अलग-अलग हिस्सों में औचक निरीक्षण जारी रखेंगी।
अधिकारियों ने कृषि सामग्री विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि यदि कोई दुकानदार किसानों को नकली या अमानक खाद, बीज अथवा कीटनाशक बेचते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का यह अभियान खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराने और अवैध व अनियमित कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
