जांजगीर -चाम्पा । स्कूलों में ऑनलाइन अटेंडेंस लागू होने के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर मुख्यमंत्री और कलेक्टर के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी करना महिला टीचर को भारी पड़ गया। शासकीय हाईस्कूल तुलसी की व्याख्याता निर्मला कोमल लहरे ने वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।
मामला सामने आने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने एक्शन लेते हुए टीचर को सस्पेंड कर दिया।
👉ऑनलाइन अटेंडेंस लागू होने के बाद बनाया था वीडियो

विभाग के आदेश के अनुसार, स्कूलों में VSK ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति लागू होने के बाद 31 अगस्त को निर्मला कोमल लहरे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में उन्होंने मुख्यमंत्री और कलेक्टर के संबंध में गलत कमेंट करते हुए वीडियो बनाया था।
वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर-चांपा ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था शिक्षक की ओर से दिए गए जवाब को विभाग ने संतोषजनक नहीं माना। जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है।
👉विभाग की छवि खराब करने का मामला

लोक शिक्षण संचालनालय ने अपने आदेश में कहा है कि शिक्षक का यह कृत्य पदीय दायित्वों के खिलाफ है। इससे शासन और विभाग की छवि धूमिल हुई है। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 और 10 के तहत कदाचार माना गया है।
👉DEO कार्यालय रहेगा निलंबन मुख्यालय
नियमों के तहत निर्मला कोमल लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। इस दौरान उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जांजगीर-चांपा रहेगा।
