हसदेव एक्सप्रेस न्यूज कोरबा । उर्जानगरी कोरबा में गणेशोत्सव की धूम है, जहां कल गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर शहर से लेकर गांव के गणेश पंडालों बप्पा के स्वागत में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा.वहीं आज दूसरे दिन भी गणेश पंडाल में श्रद्धालुओं की अपार भींड़ उमड़ी। गणपति बप्पा के जयकारों से सभी गणेश पंडाल गूंजायमान हो रहे।
पूरा शहर गणपति बप्पा की भक्ति में रंगा नजर आ रहा। गली-मोहल्लों, घरों और प्रमुख मंदिरों में विधि-विधान से भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। जगह-जगह आकर्षक सजावट के साथ पंडाल सजाए गए।
शाम होते ही पंडालों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही । कई स्थानों पर गणेश महोत्सव की शुरुआत के साथ अगले कई दिनों के धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी तय किए गए हैं।
बात करें उर्जानगरी कोरबा की तो गणेशोत्सव और दुर्गोत्सव के मामले में शहर में दो तस्वीर नजर आती है। गणेशोत्सव की धूम जहां पावर हाउस रोड, सीतामणी ,टीपी नगर क्षेत्र में विशेष रूप से नजर आती है तो दुर्गोत्सव (दुर्गा पूजा)की रौनक एमपी नगर ,आरपी नगर,आर.एस. एस.नगर , शिवाजी नगर ,
एसईसीएल मुड़ापार ,एसबीएस कॉलोनी ,मानिकपुर क्षेत्र में देखने को मिलती है। इस बार भी दस दिन चलने वाले गणेशोत्सव में शहर में रौनक देखते ही बन रही है। सीतामणी,पावर हाउस रोड में नयनानिभराम भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।
👉सीतामणी की नयनाभिराम मूर्तियां मोह रही मन


वैसे तो शहर में स्थापित सभी गणेश प्रतिमाएं श्रद्धालुओं में आस्था एवं उत्साह का संचार कर रही हैं लेकिन सीतामणी चौक में स्थापित गणपति बप्पा की प्रतिमा से श्रद्धालुओं की नजरें नहीं हट रहीं।

इसी तरह सीतामणी में ही भाजपा के प्रदेश मंत्री विकास महतो के निवास के सामने स्थापित गणपति जी की विशाल प्रतिमा भी श्रद्धालुओं को सहसा की आकर्षित कर रही हैं।

गांजा गली में भी विराजित लंबोदर स्वामी की मनोहारी मूर्ति आस्था एवं उत्साह का संचार कर रही हैं।
👉अग्रसेन चौक के राजा ,पावर हाउस रोड के विनायक भी बने आस्था के केंद्र

पुराना बस स्टैंड ओवर ब्रिज के नीचे अग्रसेन चौक पर स्थापित अग्रसेन चौक के राजा गणपति जी की मनोहारी मूर्ति भी श्रद्धालुओं के नयनों में समाए हुए हैं।

वहीं पावर हाउस रोड स्थित विनायक गणेशोत्सव समिति द्वारा रजत जयंती (25वें) वर्ष स्थापित गणपति जी की विशाल मनोहारी प्रतिमा तो पूरे शहरवासियों की आस्था एवं उत्साह का केंद्र बने हुए हैं।
👉घण्टाघर चौक में विराजे गजानन


इधर घण्टाघर चौक में भी गणेशोत्सव की रौनक देखते ही बन रही है।गणपति बप्पा की श्वेत नयनाभिराम प्रतिमा श्रद्धालुओं को खींचे ला रही है।प्रतिमा से लोगों की नजरें नहीं हट रही।इतनी शानदार कारीगरी से प्रतिमा तैयार की गई है कि मानो मूर्ति से निकलकर गणपति बप्पा बोल उठेंगे।
घरों में भी लोगों ने गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा शुरू कर दी। श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं।
👉कहीं 5 कहीं 7 तो कहीं 11 दिन विराजेंगे गणपति
शहर में अलग-अलग जगह स्थापित गणपति प्रतिमाओं के साथ उत्सव की अवधि भी अलग है। कई घरों और पंडालों में गणपति बप्पा 5 दिन , एक सप्ताह तक विराजेंगे, जबकि सीतामणी पावर हाउस रोड समेत अन्य स्थानों पर 11 दिवसीय महोत्सव होगा।
उत्सव की अवधि पूरी होने के बाद श्रद्धालु विधि-विधान से गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन करेंगे।
👉प्रथम पूज्य हैं भगवान गणेश
सनातन परंपरा में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश पूजन से करने की परंपरा है। मान्यता है कि गणपति की आराधना से बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि आती है।
महाराष्ट्र में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने 1893 में सार्वजनिक गणेश उत्सव को व्यापक रूप दिया था। इसके बाद यह पर्व देशभर में लोकप्रिय होता गया। आज गणेश महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक उत्सव का भी रूप ले चुका है।
👉अगले कई दिन गूंजेंगे गणपति के जयकारे
गणेश चतुर्थी के साथ शुरू हुआ उत्सव अब अगले कई दिनों तक शहर में दिखाई देगा। सुबह-शाम पूजा और आरती के साथ अलग-अलग पंडालों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
परिवारों के साथ लोग पंडालों में पहुंचकर गणपति बप्पा के दर्शन कर रहे हैं। जयकारों के बीच शहर के कई इलाकों में उत्सवी माहौल बना हुआ है।
