दिल्ली । SIR विवाद और चुनाव आयोग में आयुक्तों के बीच मतभेद के सामने आने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त लगातार विपक्ष के निशाने पर हैं।
पूर्व बंगाल CM ममता बनर्जी ने उन्हें ‘वैनिश’ कुमार यानी गायब कुमार कह दिया है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर SIR के दौरान वोटर लिस्ट से वोटरों के नाम ‘गायब’ करने का आरोप लगाया।

हुगली में शनिवार को पार्टी की रैली के दौरान ममता ने मांग की है कि ज्ञानेश को जाना होगा, जब तक यह मुद्दा हल नहीं हो जाता, पार्टी उनका विरोध करती रहेगी।
ममता की पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा है कि सिर्फ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ही CEC ज्ञानेश कुमार को हटा सकती है।
इधर, राहुल गांधी ने भी X पर लिखा- ज्ञानेश कुमार को मोदी और शाह ने अंपायर बनाकर भारत के चुनावों में मैच फिक्सिंग का जिम्मा सौंप दिया।
👉I.N.D.I.A. ब्लॉक में बैठक को लेकर चर्चा जारी

विपक्षी दलों का एक वर्ग I.N.D.I.A. ब्लॉक की जल्द बैठक बुलाने के पक्ष में है। इसमें चुनाव आयोग के मुद्दे पर मिलकर आगे की रणनीति तय करने की बात हो रही है। हालांकि, अब तक गठबंधन ने कोई साझा एक्शन प्लान जारी नहीं किया है।
CPI(ML) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य भी राहुल गांधी से SIR के मुद्दे पर I.N.D.I.A. ब्लॉक की बैठक बुलाने की बात कह चुके हैं। वहीं, एमए बेबी 27 सितंबर को AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करने वाले हैं।
ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष के अन्य नेताओं के बयान
प्रियंका गांधी: उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और चुनाव आयुक्त को उपलब्ध कानूनी सुरक्षा को हटाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने चुनाव आयोग को जवाबदेही से बचाने के लिए ये सुरक्षा उपाय लागू किए थे।
- डेरेक ओ ब्रायनः तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव ने शनिवार को कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की विपक्ष की मांग चुनाव आयोग के खिलाफ उनके अभियान का केंद्र बनी हुई है।
- केसी वेणुगोपाल: CEC ज्ञानेश कुमार को ‘जुडास’
(धोखेबाज) कहा और कहा कि यह शर्म की बात है कि वह केरलम कैडर के अधिकारी थे।
👉SIR को लेकर विवाद, कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन किया
यह मामला चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है।
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्ति जताई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। चुनाव से जुड़े कुछ आदेशों और कथित सॉफ्टवेयर बदलावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है।
👉दो चुनाव आयुक्तों ने 4 बड़े सवाल उठाए

- फॉर्म-6 में बदलाव: नए वोटरों से पिछली SIR लिस्ट में खुद या परिवार के नाम की जानकारी मांगने पर दोनों ने सवाल उठाया। संधू ने इसे गैरकानूनी बताते हुए हटाने की मांग की।
- वोटर डेटा का कंट्रोल: दोनों ने सवाल किया कि वोटर डेटाबेस का कंट्रोल दिल्ली में क्यों बढ़ रहा है और राज्यों की पहुंच क्यों सीमित हो रही है।
- बंगाल में 16 लाख अपीलें: संधू ने पूछा कि हटाए गए नामों को लेकर करीब 16 लाख अपीलें किसने और किसकी अनुमति से दायर कीं।
- गोवा के 97 वोटर: जांच में योग्य पाए गए 97 वोटरों को सॉफ्टवेयर की समस्या के कारण अंतिम लिस्ट में नहीं जोड़ा जा सका।
👉2 चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार जताई आपत्ति
- 28 अक्टूबर 2025 संधु -आयोग की मंजूरी के बिना चुनाव आयोग के नाम से चिट्ठियां और आदेश जारी होने पर सवाल किया।
- 16 अप्रैल 2026- संधू
नए आईटी मॉड्यूल और पोर्टल की जानकारी उन्हें मीडिया से मिलने पर आपत्ति। - 16 अप्रैल 2026- संधू
आयोग की मंजूरी के बिना आधिकारिक सूचनाएं जारी किए जाने पर सवाल।
- 16 अप्रैल- जोशी
एक साल से ज्यादा समय से आयोगी की बैठकों का एजेंडा और कार्यवाही नहीं मिलने पर सवाल।
- 16 अप्रैल- जोशी
आयोग की मंजूरी के बिना अधिकारियों के विदेश दौरे पर सवाल।
👉स्लाइड 2
- 24 अप्रैल-जोशी
आयोग की मंजूरी के बिना आधिकारिक सूचना जारी न करने की बात दोहराई।
- 16 मई- जोशी
नए मतदाताओं के फॉर्म-6 में सरकार की मंजूरी के बिना बदलाव पर आपत्ति। 19 मई को संधू ने भी सहमति जताई।
- 29 मई- जोशी
मतदाता सूची के डाटाबेस को केंद्रीकृत करने पर चिंता जताई और जांच की मांग की। 13 जुलाई को संधू ने भी समर्थन किया।
- 29 जुलाई- जोशी
आयोग की जानकारी के बिना अधिकारियों के काम का बंटवारा बदलने पर कैबिनेट सचिव से शिकायत की।
- 29 जुलाई- संधू
काम के बंटवारे पर फिर सवाल उठाया और संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की।
- 30 जुलाई- जोशी + संधू
दोनों ने काम के नए बंटवारे वाला आदेश रद्द कर दिया।
👉स्लाइड 3
- 12 अगस्त- संधू
पश्चिम बंगाल में आयोग की ओर से अदालत में अपील किसने और किसकी मंजूरी से दायर की, यह सवाल पूछा।
- 13 अगस्त- संधू
फॉर्म-6 में बदलाव को ‘बिना मंजूरी और गैरकानूनी’ बताया और इसे तुरंत हटाने की मांग की।
- 14 अगस्त- संधू
फील्ड ऑफिसर्स को ईसीआई नेट सिस्टम की पूरी पहुंच नहीं मिलने पर सवाल उठाया। कहा कि आईटी डायरेक्टर को यह पहुंच रोकने का अधिकार नहीं है।
नोटः चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने में आयोग के संबंधित अधिकारियों को 14 लेटर लिखे। इनमें से 5 चिट्ठियां सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भेजी गईं।
👉राहुल का बड़ा आरोप , कहा – मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश ने वोट चोरी की ,वे देशद्रोही
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग, SIR और वोटर लिस्ट से जुड़े विवादों पर गुरुवार को 55 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश ने वोट चोरी की है। वे देशद्रोही हैं। मैंने उनकी नियुक्ति का विरोध किया था, लेकिन सरकार ने मेरी बात नहीं मानी।
सोर्स -dainikbhaskar.com
