धमतरी/रायपुर । छत्तीसगढ़ में किसानों की सिंचाई समस्या को लेकर शुरू हुई बातचीत अब राजनीतिक विवाद में बदल गई है। पूर्व मंत्री और कुरूद विधायक अजय चंद्राकर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के मुद्दे पर एक अधिकारी से फोन पर बात करते नजर आ रहे हैं। बातचीत के दौरान अधिकारी के रवैये पर नाराजगी जताते हुए चंद्राकर की कथित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस ने उन पर निशाना साधा है।
वायरल वीडियो में चंद्राकर कथित तौर पर कहते सुनाई दे रहे हैं, “शर्मा जी दिखता तो वहीं पर गाड़ देता। वो जानता नहीं, हू इज अजय चंद्राकर…” इसके बाद वे संबंधित अधिकारी को लेकर नाराजगी जताते हुए कहते हैं कि ऐसे लोगों को नहीं भेजना चाहिए, जिनसे प्रशासन की छवि खराब हो। साथ ही वे किसानों के लिए पानी छोड़ने की बात भी करते सुनाई दे रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, मामला धमतरी जिले के मगरलोड क्षेत्र के परेवाडीह गांव से जुड़ा है।
स्थानीय किसानों ने फसल के लिए पानी की समस्या की शिकायत की थी। रिपोर्टों के अनुसार, बारिश के बाद खेतों में जमा पानी बह गया था और नहर के एक हिस्से के क्षतिग्रस्त होने से सिंचाई प्रभावित हुई। किसानों की ओर से नहर की मरम्मत और पर्याप्त पानी छोड़े जाने की मांग की गई थी। मगरलोड जनपद अध्यक्ष वीरेंद्र साहू के अनुसार, करीब 100 एकड़ फसल के लिए पानी की आवश्यकता थी। समस्या को लेकर जिला पंचायत में शिकायत की गई, जिसके बाद सिंचाई विभाग से संपर्क किया गया और अधिकारी को मौके पर भेजे जाने की बात सामने आई है।
👉अधिकारी के रवैये पर जताई नाराजगी

बताया जा रहा है कि किसानों की समस्या देखने पहुंचे अधिकारी की ओर से कथित तौर पर ग्रामीणों के ‘नेतागिरी’ करने की बात कही गई थी। इसी दौरान 29 सितंबर को परेवाडीह गांव में एक CRPF जवान के अंतिम संस्कार में पहुंचे अजय चंद्राकर को किसानों ने सिंचाई की समस्या बताई। इसके बाद चंद्राकर ने सिंचाई विभाग के अधिकारी से फोन पर बात की। इसी बातचीत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो को ‘ऑफिस ऑफ अजय’ नाम के इंस्टाग्राम पेज पर 2 अक्टूबर को पोस्ट किए जाने की रिपोर्ट है।
👉कांग्रेस ने साधा निशाना
वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने अजय चंद्राकर की भाषा को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने चंद्राकर पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने बयान को लेकर संयम बरतना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंत्रिमंडल से बाहर रहने के बाद चंद्राकर निराश हैं। शुक्ला ने चंद्राकर को एम्स जाकर चेकअप कराने और आराम करने की सलाह भी दी। यह कांग्रेस नेता की राजनीतिक टिप्पणी है, इसे किसी चिकित्सकीय निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।
👉वीडियो के बाद बढ़ी सियासी बयानबाजी
किसानों की सिंचाई समस्या को लेकर अधिकारी से बातचीत का यह वीडियो सामने आने के बाद मामला अब किसानों के मुद्दे से आगे बढ़कर नेताओं के बयान और अधिकारियों के साथ व्यवहार को लेकर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में संबंधित अधिकारी की ओर से वायरल वीडियो या चंद्राकर की टिप्पणी पर कोई अलग आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वीडियो के मूल संदर्भ और पूरी बातचीत की स्वतंत्र पुष्टि भी उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है।
