कोरबा। पाली क्षेत्र की सराईपाली खदान में कम परिवहन भाड़े और कथित आर्थिक शोषण के विरोध में दोयघाट ट्रक एंड ट्रेलर मालिक संघ का एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन शनिवार को समाप्त हो गया। धरने के बाद लिफ्टरों और एसईसीएल प्रबंधन के साथ हुई बैठक में विभिन्न मांगों को लेकर सहमति बनने के बाद संघ ने फिलहाल आंदोलन स्थगित करने का ऐलान किया है।
👉कम भाड़े और बढ़ते खर्च को लेकर नाराजगी

ट्रक मालिक संघ के सदस्यों का कहना है कि फैक्ट्री मालिकों और ट्रांसपोर्टरों यानी लिफ्टरों की ओर से लगातार कम परिवहन भाड़ा दिया जा रहा है। दूसरी ओर डीजल, टायर, वाहन की किस्त और रखरखाव सहित परिचालन खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ट्रक मालिकों का कहना है कि बढ़ते खर्च के अनुपात में परिवहन भाड़े में पर्याप्त बढ़ोतरी नहीं हुई है।
👉खराब सड़क और पार्किंग व्यवस्था भी मुद्दा
ट्रक मालिकों ने खदान क्षेत्र की जर्जर सड़कों और पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि खराब सड़कों के कारण वाहनों के रखरखाव का खर्च बढ़ रहा है और परिवहन कार्य में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
धरना प्रदर्शन के दौरान ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रेसिडेंट बाबा ठाकुर ने कहा कि पिछले कई वर्षों से परिवहन भाड़े में कमी की स्थिति बनी हुई है, जबकि महंगाई और परिचालन खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल संघ ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखी हैं, लेकिन समाधान नहीं होने पर आंदोलन आगे बढ़ाया जा सकता है।
👉लिफ्टरों और एसईसीएल प्रबंधन से हुई बैठक
धरने के दौरान ट्रक मालिक संघ के पदाधिकारियों की लिफ्टरों के साथ बैठक हुई। इसके बाद संघ के प्रतिनिधियों ने एसईसीएल प्रबंधन के अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक में खदान क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत और पार्किंग व्यवस्था सहित विभिन्न मांगों पर चर्चा हुई।
संघ के अनुसार, एसईसीएल प्रबंधन ने खदान क्षेत्र की सड़कों में सुधार कराने और पार्किंग व्यवस्था तैयार करने पर सहमति जताई है। मांगों पर चर्चा के बाद बनी सहमति को देखते हुए संघ ने फिलहाल आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया।
👉सहमति लागू नहीं हुई तो फिर आंदोलन की चेतावनी
ट्रक मालिक संघ ने इससे पहले 3 अक्टूबर 2026 से मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में अनिश्चितकालीन कोयला परिवहन बंद करने की चेतावनी दी थी। हालांकि, लिफ्टरों और एसईसीएल प्रबंधन के साथ हुई बातचीत के बाद फिलहाल चक्काजाम और परिवहन बंद करने का फैसला टल गया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि बैठक में बनी सहमति के अनुसार अगले दिन से काम शुरू हो जाता है तो चक्काजाम नहीं किया जाएगा। वहीं, तय मांगों पर अमल नहीं होने की स्थिति में आगे आंदोलन का निर्णय लिया जा सकता है।
