CG : महासमुंद में जंगली सुअर के शिकार की जांच के लिए पहुंची वन विभाग की टीम पर हमला , 40-50 लाठी डंडों से लैस ग्रामीणों ने रेंजर -डिप्टी रेंजर समेत आधा दर्जन वनकर्मियों को 6 घण्टे तक बनाया बंधक ,महकमे मचा हडकम्प …

महासमुंद । छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में वन विभाग की टीम के साथ मारपीट और उन्हें बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बागबाहरा वन परिक्षेत्र के तमोरा जंगल में जंगली सूअर के शिकार की सूचना पर जांच के लिए पहुंची वन विभाग की टीम पर 40 से 50 महिला-पुरुषों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान रेंजर, डिप्टी रेंजर, वन रक्षक और वॉचर समेत कुल 6 वनकर्मियों को करीब 6 घंटे तक जंगल में बंधक बनाए रखा। घटना की जानकारी मिलते ही देर रात वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बंधक बने वन कर्मियों को छुड़ाया जा सका।

जानकारी के मुताबिक घटना बागबाहरा वन परिक्षेत्र के तमोरा गांव के कक्ष क्रमांक 95 और 96 की है। वन विभाग को यहां जंगली सूअर के शिकार की जानकारी मिली थी। इसके बाद वन अमला मौके पर जांच और निरीक्षण के लिए पहुंचा था। आरोप है कि इसी दौरान बड़ी संख्या में महिला और पुरुषों ने वनकर्मियों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। वन विभाग की प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक टीम के सदस्यों के साथ गाली-गलौज भी की गई। घटना के दौरान बागबाहरा वन परिक्षेत्र के रेंजर नवीन वर्मा, आमाकोनी के डिप्टी रेंजर नवीन शर्मा और चौकीदार राकेश ध्रुव समेत छह वनकर्मियों को जंगल में बंधक बनाए जाने की जानकारी है। बताया जा रहा है कि वनकर्मियों को करीब छह घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया।

👉रात में पहुंची पुलिस, वनकर्मियों को कराया गया मुक्त

इस दौरान उन्होंने मोबाइल फोन के जरिए वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हुए. रात में ही टीम मौके पर पहुंची और बंधक बनाए गए वनकर्मियों को वहां से बाहर निकाला गया। घटना में घायल वन अधिकारियों और कर्मचारियों का रात में ही स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है।

घने जंगल में जांच के लिए पहुंची सरकारी टीम को घेरकर कथित तौर पर मारपीट और कई घंटे तक बंधक बनाए जाने की घटना ने वन अमले की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर वन अपराधों और अवैध शिकार की जांच के दौरान मैदानी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर विभाग के सामने चुनौती बढ़ती दिख रही है। फिलहाल घटना के संबंध में पुलिस की कार्रवाई और जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि हमले में कौन-कौन लोग शामिल थे और वन विभाग की टीम के साथ मारपीट की पूरी घटना किस परिस्थितियों में हुई।