KORBA : विवाहेत्तर संबंध पड़ा भारी, अस्पताल के स्टॉफ क्वॉटर में पकड़ाया पति ,हाई वोल्टेज ड्रामा …

कोरबा। सरकारी अस्पताल के एक क्लर्क के विवाहेत्तर सम्बन्ध के कारण पति-पत्नी और वो में मारपीट हो गई। पत्नी ने अपनी बहन के साथ जाकर जब पति को उसकी महिला मित्र के साथ पकड़ा तो दोनों ने मिलकर मारपीट किया और पत्नी पर हथौड़ा से हमला करने का भी प्रयास किया।

मामला कटघोरा थाना क्षेत्र के ग्राम घरीपखना का है। घटना दिनांक 5 अक्टूबर को अंशुल सिह भारज व उसकी महिला मित्र ….मरकाम के द्वारा मारपीट की गई। पीड़िता ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि
पति अंशुल सिह भारज निवासी घरीपखना, आज घर नहीं आऊंगा कहकर बोले थे, इसी कारण वह अपने पति से मिलने माचाडोली अस्पताल अपनी बहन के साथ गई थी। चूंकि उसी दिन सुबह पति कि Extra Marital offire (विवाहेत्तर सम्बन्ध) को लेकर बहस हुआ था, और महिला मित्र जिससे पति का अवैध संबंध है, उसके द्वारा फोन करके बोला गया था,कि हम लोग कोर्ट मैरिज करेंगे। इसी बात पर बहस होने के बाद पीड़िता अपने पति से मिलने उसके कार्यस्थल गई थी। सुलह करने वहां पहुंचने पर अस्पताल में पति नहीं थे। स्टाफ द्वारा बताया गया कि उनका एक क्वार्टर है, शायद वहां हो सकते हैं। तब पत्नी अपनी बहन के साथ पति के क्वार्टर गये तो वहां दरवाजा बंद था। दरवाजा खटखटाने पर पति द्वारा काफी समय बाद दरवाजा खोला गया और अंदर आने से मना किया। क्यों अंदर आओगे कहकर गाली-गलौच और मारने की धमकी दिया। आंशका होने पर पत्नी जब जबरजस्ती अंदर गई तो फिर से पति द्वारा रोका गया, धक्का-मुक्की किया और जान से मारने की धमकी दी गई। अंदर जाने पर आपत्तिजनक अवस्था दिखी। आरोप है कि इस दौरान पति अंशुल सिह और महिला मित्र मरकाम के द्वारा पीड़िता पत्नी को मारने के लिए हथौड़ा उठाया गया और पत्नी व उसकी बहन पर वार किया गया। इसी छीना झपटी में प्रार्थिया भी महिला मित्र मरकाम को मारने के लिए आगे आई फिर दोनों के बीच भी हाथापाई हुआ व चोटें आईं। दोनों बहनें जैसे-तैसे जान बचाकर अपने घर आये। पति द्वारा उस महिला से अवैध संबंध के कारण इससे पहले भी मारपीट, गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। महिला मित्र मरकाम के द्वारा ST, SC Act में फंसाने की धमकी दी गई है।
कटघोरा पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर माचाडोली अस्पताल में क्लर्क अंशुल सिह भारज व उसकी महिला मित्र के विरुद्ध धारा
115(2), 296, 3(5), 351(3) BNS के तहत जुर्म दर्ज कर विवेचना प्रारम्भ की है।