बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सकरी स्थित एसपीआरएन मिनरल्स से राजस्थान के नागौर स्थित जेएसडब्ल्यू सीमेंट फैक्ट्री के लिए भेजा गया 166 टन से अधिक कोयला रास्ते से गायब होने का मामला सामने आया है। कोयला लदे चार ट्रक करीब डेढ़ महीने बाद भी तय मंजिल तक नहीं पहुंचे। इसके बाद कंपनी प्रबंधन ने ट्रांसपोर्टर और चारों ट्रक चालकों के खिलाफ सकरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अमानत में खयानत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
👉4 ट्रकों में लोड किया गया था कोयला

कंपनी के लॉजिस्टिक्स मैनेजर प्रतीक मिश्रा के अनुसार, 19 अगस्त 2026 को एसपीआरएन मिनरल्स से चार ट्रकों में कोयला लोड कर राजस्थान के नागौर स्थित जेएसडब्ल्यू सीमेंट प्लांट भेजने की व्यवस्था की गई थी। इसके लिए ट्रांसपोर्टर दिव्यांश गुप्ता से सौदा हुआ था। प्रति ट्रक एक लाख रुपये के हिसाब से कुल चार लाख रुपये का भुगतान जीएसआर लॉजिस्टिक्स के माध्यम से ट्रांसपोर्टर के खाते में किया गया था।
👉डेढ़ महीने बाद भी मंजिल तक नहीं पहुंचे ट्रक
शिकायत के मुताबिक, 19 अगस्त को कोयला लोड होने के बाद चारों ट्रक राजस्थान के लिए रवाना किए गए थे। निर्धारित समय बीतने के बावजूद ट्रक सीमेंट फैक्ट्री नहीं पहुंचे। कंपनी प्रबंधन ने ट्रांसपोर्टर और चालकों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने और ट्रकों का पता नहीं चलने पर पुलिस से शिकायत की गई।
👉4 ट्रकों में 166 टन से ज्यादा कोयला
कंपनी की शिकायत में चारों ट्रकों और उनमें लोड कोयले का विवरण दिया गया है। ट्रक यूपी 53 जेटी 6598 में 41.660 टन, यूपी 53 जेटी 6514 में 41.360 टन, बीआर 06 जीजी 6649 में 42.810 टन और यूपी 53 एचटी 4549 में 40.690 टन कोयला लोड था। चारों ट्रकों में कुल 166.520 टन कोयला भेजा गया था।
👉ट्रांसपोर्टर समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने ट्रांसपोर्टर दिव्यांश गुप्ता सहित चार ट्रक चालकों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में चालकों के नाम सुमित, दीपक, वीरु और सरबजीत बताए गए हैं। पुलिस अब कोयले की खेप, ट्रकों की आवाजाही और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी।
