CG :नई रेल लाइनों से विकास को मिलेगी रफ्तार, रेलवे की बदलेगी तस्वीर,32 स्टेशनों का होगा कायाकल्प …

रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। राज्य में करीब 57,000 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं के तहत नई रेल लाइनों का विस्तार, स्टेशनों का आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। इसी कड़ी में ताड़ोकी-रावघाट और अभनपुर-कुरुद ब्रॉडगेज रेलखंड का उद्घाटन किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई रेल लाइनों का शुभारंभ कर यात्री ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। वहीं, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में शामिल हुए।

नई रेल सेवाएं शुरू होने से बस्तर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। रावघाट से रायपुर और रायपुर से कुरुद के बीच ट्रेन सेवा शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क बड़े शहरों से बेहतर होगा। इससे विद्यार्थियों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। रेलवे नेटवर्क के विस्तार से स्थानीय कारोबार को गति मिलने के साथ ही खनिज परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

👉बस्तर क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोड़ने पर जोर


ताड़ोकी-रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर लंबी नई ब्रॉडगेज रेल लाइन शुरू की गई है। यह 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे पहले दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक 77.5 किलोमीटर के रेलखंड पर ट्रेनें चल रही थीं। अब शेष हिस्से पर भी रेल सेवा शुरू होने से रावघाट तक पहुंच आसान होगी।
यह रेल लाइन दल्लीराजहरा-रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना से जुड़ी है, जिसे भारतीय रेलवे, छत्तीसगढ़ सरकार, एनएमडीसी और सेल के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। इस नेटवर्क से रावघाट की खदानों से भिलाई स्टील प्लांट तक लौह अयस्क पहुंचाने में मदद मिलेगी। साथ ही बस्तर क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों को अपने उत्पाद दूसरे बाजारों तक पहुंचाने के बेहतर विकल्प मिल सकते हैं।

👉रायपुर से कुरुद तक ब्रॉडगेज रेल सेवा शुरू

रायपुर-धमतरी रेल मार्ग पर पहले छोटी लाइन यानी नैरो गेज का संचालन होता था। अब अभनपुर से कुरुद तक ब्रॉडगेज लाइन शुरू होने से इस मार्ग पर रेल सुविधाओं का विस्तार हुआ है। कुरुद से आगे धमतरी तक रेल लाइन पहुंचाने का काम भी जारी है। इस परियोजना से क्षेत्र के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रायपुर से रावघाट के बीच रेल सेवा शुरू होना लंबे समय से क्षेत्र के लोगों की मांग रही है। नई कनेक्टिविटी से दूरस्थ ग्रामीण इलाकों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंचने में सहूलियत मिल सकती है। इसके अलावा, सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने में भी रेल नेटवर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

👉आने वाले समय में इन रेल परियोजनाओं पर भी काम

छत्तीसगढ़ में रेलवे विस्तार की योजना केवल नई शुरू हुई लाइनों तक सीमित नहीं है। राज्य में परमलकसा-खरसिया कॉरिडोर, अंबिकापुर-बरवाडीह रेल लाइन और रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना जैसी योजनाएं भी प्रस्तावित हैं। अंबिकापुर-बरवाडीह रेल लाइन की लंबाई करीब 182 किलोमीटर बताई गई है। वहीं, रावघाट-जगदलपुर परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।

👉भविष्य में रेल नेटवर्क का विस्तार

जगदलपुर से ओडिशा के कोरापुट और आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम तक करने की योजना भी है। इससे खनिज संपदा वाले इलाकों और पूर्वी तटीय क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर हो सकता है। हालांकि, इन परियोजनाओं का वास्तविक लाभ उनके निर्माण की प्रगति और संचालन शुरू होने के बाद ही पूरी तरह सामने आएगा।

👉32 रेलवे स्टेशनों का होगा आधुनिकीकरण

छत्तीसगढ़ में यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं देने के लिए 32 रेलवे स्टेशनों को विकसित किया जा रहा है। इनमें से आठ स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा हो चुका है। स्टेशन परिसर में बेहतर यात्री सुविधाएं और आधुनिक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य में रेलवे लाइनों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा होने की जानकारी दी गई है।

👉रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव के लिए बनेगा नया मेंटेनेंस सेंटर

रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव के लिए नया मेंटेनेंस सेंटर बनाने की योजना भी है। इसमें 9,000 हॉर्सपावर क्षमता वाले इंजनों की देखभाल की व्यवस्था विकसित करने का प्रस्ताव है। रेलवे परियोजनाओं, स्टेशन पुनर्विकास और नई रेल सेवाओं के विस्तार से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।