CG : BJP में 2028 की तैयारी तेज ! स्मृति ईरानी की बैठकों में संगठन और मंत्रियों के कामकाज पर फोकस …

रायपुर । छत्तीसगढ़ में भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन सोमवार को भी पार्टी के भीतर बैठकों का दौर जारी है। प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में विधायकों, सांसदों और राज्य सरकार के मंत्रियों के साथ अलग-अलग बैठकें निर्धारित हैं। इन बैठकों के केंद्र में संगठन की मजबूती, सरकार और संगठन के बीच तालमेल और वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां हैं। स्मृति ईरानी के इस दौरे को प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पहले दिन पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों और पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा हुई थी। वहीं, दूसरे दिन विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के साथ संवाद के जरिए संगठन और सरकार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।

सोमवार सुबह 11 बजे प्रदेश भाजपा कार्यालय में विधायकों के साथ बैठक आयोजित की गई। इसमें स्मृति ईरानी के साथ प्रदेश सह प्रभारी सिद्धार्थ शंभू भी मौजूद रहे। बैठक में राजेश मूणत, गोमती साय, भावना बोहरा, अजय चंद्राकर, पुन्नूलाल मोहले और मोतीलाल साहू सहित कई विधायक पहुंचे। बैठकों में संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावी बनाने, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और जनसंपर्क मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। पार्टी के सामने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को सक्रिय बनाए रखने की चुनौती भी इन चर्चाओं के केंद्र में है।

👉मंत्रियों के कामकाज को लेकर शिकायतों की चर्चा

स्मृति ईरानी के दौरे के बीच राज्य सरकार के कुछ मंत्रियों के कामकाज को लेकर शिकायतें सामने आने की जानकारी भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि पहले दिन कुछ पूर्व जनप्रतिनिधियों और निगम-मंडल के पदाधिकारियों ने अपनी बात रखी थी। इसके बाद सोमवार को मंत्रियों के साथ निर्धारित बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में दिलचस्पी बढ़ गई है। हालांकि, शिकायतें किन मंत्रियों से जुड़ी हैं और उनमें क्या आरोप लगाए गए हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। किसी मंत्री के खिलाफ कार्रवाई किए जाने या किसी औपचारिक निर्णय की भी जानकारी सामने नहीं आई है।

भाजपा के सामने सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के साथ-साथ संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने का मुद्दा भी है। पहले दिन की बैठकों में कार्यकर्ताओं की सक्रियता, पुराने नेताओं को साथ लेकर चलने और सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर जोर दिए जाने की जानकारी है। सोमवार को सांसदों के साथ सुबह 11:30 बजे से और मंत्रियों के साथ दोपहर 12:30 बजे से बैठक निर्धारित की गई थी। कोर ग्रुप और विचार परिवार के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ भी अलग-अलग चर्चा का कार्यक्रम है।

👉2028 के चुनाव से पहले संगठन की समीक्षा

छत्तीसगढ़ में अगला विधानसभा चुनाव वर्ष 2028 में होना है। ऐसे में भाजपा की इन बैठकों को चुनाव से पहले संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा के तौर पर भी देखा जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ संवाद के जरिए जमीनी स्तर की स्थिति, कार्यकर्ताओं की भूमिका और जनसंपर्क से जुड़े मुद्दों पर फीडबैक लिया जा रहा है। हालांकि, बैठकों में लिए गए फैसलों या किसी नई रणनीति का विस्तृत ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। ऐसे में स्मृति ईरानी के दौरे के बाद संगठनात्मक स्तर पर क्या बदलाव या नई प्राथमिकताएं सामने आती हैं, इस पर नजर रहेगी। राजनीतिक रूप से इस दौरे के दो प्रमुख पहलू हैं—2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारी और सरकार-संगठन के बीच समन्वय की समीक्षा। मंत्रियों के कामकाज को लेकर शिकायतों की चर्चा ने बैठकों को अतिरिक्त महत्व दिया है, लेकिन किसी संभावित कार्रवाई को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।