KORBA : शहर में भारी वाहनों का दबाव होगा कम , 26.17 करोड़ से बनेंगे 2 उच्चस्तरीय पुल ,उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने किया शुभारंभ …

कोरबा। कोरबा विधानसभा क्षेत्र में सड़क और पुल अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में दर्री बराज–बरमपुर मार्ग पर अहिरन नदी और दर्री–सीएसईबी चौक मार्ग पर कोहड़िया के समीप बेलगिरी नाला में उच्चस्तरीय पुल निर्माण कार्यों की शुरुआत हुई। दोनों पुलों के निर्माण पर कुल ₹26.17 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में आवागमन सुगम होने के साथ सड़क संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है। खासकर बरमपुर क्षेत्र से भारी वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित होने से शहर के भीतर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

कोहड़िया के समीप बेलगिरी नाला पर ₹9.11 करोड़ की लागत से उच्चस्तरीय पुल बनाया जाएगा। यहां आयोजित कार्यक्रम में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मौजूदा पुल संकरा होने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती थी। साथ ही दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती थी। इन समस्याओं को देखते हुए नए पुल के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। मंत्री ने कहा कि कोरबा विधानसभा क्षेत्र में मुख्य सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण और पुल-पुलियों के कामों को गति दी जा रही है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन मिल सके।

दर्री बराज–बरमपुर मार्ग पर अहिरन नदी में ₹17.05 करोड़ की लागत से उच्चस्तरीय पुल का निर्माण किया जाएगा। बरमपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने बताया कि लगभग ₹85 करोड़ की लागत से बरमपुर मोड़ से दर्री बराज तक नई सड़क का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। इस मार्ग पर पुल बनने से सड़क संपर्क और आवागमन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा मेजर ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक तक लगभग ₹30 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया है।

👉भारी वाहनों को मिलेगा वैकल्पिक रास्ता

मंत्री लखनलाल देवांगन के अनुसार, सड़क और पुल निर्माण कार्य पूरे होने के बाद बरमपुर क्षेत्र से भारी वाहन दर्री के रास्ते कटघोरा और बालको रिंग रोड की ओर जा सकेंगे। इससे शहर के भीतर भारी वाहनों की आवाजाही का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को भी लाभ हो सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक असर परियोजनाओं के पूरा होने और वैकल्पिक मार्ग के प्रभावी उपयोग के बाद सामने आएगा।