रायपुर-दुर्ग-बिलासपुर -कोरबा । छत्तीसगढ़ के चार बड़े शहरों में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए लाई जा रही इलेक्ट्रिक बसों का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और कोरबा में कुल 240 ई-बसें चलाई जानी हैं, लेकिन डिपो और चार्जिंग स्टेशन का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण अब तक इनका संचालन शुरू नहीं हो पाया है। इससे रोजाना ऑफिस, कॉलेज और दूसरे कामों के लिए सफर करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस योजना के तहत रायपुर को सबसे ज्यादा 100 बसें मिलनी हैं। वहीं बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई के लिए 50-50 और कोरबा के लिए 40 बसें स्वीकृत की गई हैं। पहले दिसंबर 2025 तक बसों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी चारों शहरों में लोगों को ई-बस सेवा नहीं मिल पाई है।
👉रायपुर में डिपो निर्माण सबसे पीछे, सिर्फ 40 प्रतिशत काम पूरा
ई-बसों के संचालन में देरी की सबसे बड़ी वजह डिपो का अधूरा निर्माण है। रायपुर के जरवाय में 2 हेक्टेयर जमीन पर डिपो और चार्जिंग स्टेशन तैयार किया जा रहा है। यहां अब तक केवल 40 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, रायपुर में डिपो निर्माण पूरा करने का लक्ष्य जनवरी 2027 के अंत तक रखा गया है।
दूसरी ओर दुर्ग-भिलाई के कदंबरी नगर में डिपो का सिविल निर्माण 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। बिलासपुर के कोनी और कोरबा के दर्री में भी निर्माण कार्य लगभग 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
👉किस शहर में कब शुरू हो सकती है ई-बस सेवा?

शहरों में डिपो निर्माण की स्थिति के आधार पर ई-बस संचालन की संभावित समयसीमा तय की गई है।
– रायपुर: 100 बसें, जरवाय डिपो, 40 प्रतिशत निर्माण पूरा। लक्ष्य जनवरी 2027 के अंत तक।
– बिलासपुर: 50 बसें, कोनी डिपो, 80 प्रतिशत निर्माण पूरा। लक्ष्य 31 दिसंबर 2026।
– दुर्ग-भिलाई: 50 बसें, कदंबरी नगर डिपो, 90 प्रतिशत निर्माण पूरा। नवंबर 2026 में संचालन शुरू करने का प्रयास।
– कोरबा: 40 बसें, दर्री डिपो, 80 प्रतिशत निर्माण पूरा। लक्ष्य 30 नवंबर 2026।
👉कोरोना के बाद सिटी बस सेवा की हालत खराब
छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक परिवहन की समस्या नई नहीं है। कोरोना महामारी से पहले प्रदेश के नौ शहरों में 378 सिटी बसें संचालित होती थीं, लेकिन संचालन बंद रहने और रखरखाव की कमी के चलते इनमें से 272 बसें कबाड़ हो चुकी हैं। फिलहाल केवल 106 बसें बची हैं, जिनमें से रोजाना करीब 70 से 80 बसें ही सड़कों पर चल पाती हैं।
दुर्ग-भिलाई और जगदलपुर में फिलहाल एक भी सिटी बस संचालित नहीं हो रही है। ऐसे में 240 नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में हो रही देरी से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। अब लोगों को इंतजार है कि डिपो और चार्जिंग स्टेशन का काम जल्द पूरा हो, ताकि शहरों में सस्ती और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू हो सके।
अधिकारियों का कहना है कि दुर्ग-भिलाई में नवंबर से ई-बसें चलाने का प्रयास है। वहीं दिसंबर में बिलासपुर और कोरबा में संचालन शुरू करने की योजना है। रायपुर में डिपो निर्माण पूरा होने के बाद जनवरी 2027 के अंत तक बस सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
