CG : पटवारियों पर शासन का एक्शन जारी,अब इस जिले में 9 हड़ताली पटवारी सस्पेंड …

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में पटवारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल पर प्रशासन की सख्ती नजर आने लगी है। गरियाबंद जिले में राजस्व कार्यों में लापरवाही बरतने वाले पटवारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर जिले के 9 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। वहीं दूसरी तरफ पटवारी संघ ने निलंबन की कार्रवाई को दमनकारी बताते हुए उनकी मांग पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रहने की बात कही है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ मेें पटवारी संघ के बैनर तले पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये है। जिला प्रशासन की सख्त चेतावनी के बाद भी पटवारियों के हड़ताल से वापस नहीं लौटने से गिरदावरी और चक्रवात से फसल को हुए नुकसान का काम ठप्प पड़ा हुआ हैं। ऐसे में पटवारियों के हड़ताल से वापसी को लेकर प्रदेशभर में जिला प्रशासन सख्त चेतवानी के साथ ही निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में गरियाबंद जिले में 9 पटवारियों को कलेक्टर के निर्देश पर सस्पेंड किया गया है।

जिला प्रशासन द्वारा बताया गया कि संबंधित पटवारियों के हल्का क्षेत्रों में गिरदावरी, नक्शा अद्यतन और बटांकन जैसे महत्वपूर्ण राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान बेहद खराब स्थिति सामने आई। इन कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने और लंबे समय से मामले लंबित रहने को प्रशासन ने गंभीरता से लिया। बताया जा रहा है कि संबंधित कर्मचारियों को पहले भी काम में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। लगातार लापरवाही और चेतावनियों की अनदेखी के बाद प्रशासन ने निलंबन की कार्रवाई की है।

👉9 पटवारियों के निलंबन से नहीं रुकेगी कार्रवाई

जिला प्रशासन की सख्ती केवल निलंबन तक सीमित नहीं है। जिले के अन्य पटवारियों और राजस्व कर्मचारियों के कामकाज की भी निगरानी की जा रही है। कई कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि राजस्व कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने राजस्व अमले को चेतावनी दी है कि गिरदावरी, नक्शा अद्यतन और बटांकन जैसे जरूरी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। काम में लापरवाही बरतने वाले अन्य कर्मचारियों पर भी आगे कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।