बस्तर/करणपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (8 नवंबर 2026) को छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित रहे बस्तर क्षेत्र का दौरा किया और करणपुर स्थित सीआरपीएफ (CRPF) के कोबरा (CoBRA) ऑपरेशंस बेस पर सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दिवाली मनाई। वर्ष 2014 में देश के प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद से ही नरेंद्र मोदी हर साल सेना और सुरक्षा बलों के जवानों के बीच जाकर दिवाली मनाते आए हैं।
👉जवानों को बांटी मिठाई, शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने करणपुर कैंप में उपस्थित जवानों को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर त्योहार की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद जवानों के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में जवानों का उत्साह बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री स्थानीय आदिवासी सांस्कृतिक नृत्य में सुरक्षा बलों के साथ शामिल हुए।
पीएम मोदी के संबोधन की मुख्य बातें:👇
👉नक्सलवाद से मुक्ति और विकास:

प्रधानमंत्री ने कहा कि बस्तर जो कभी नक्सली हिंसा के लिए जाना जाता था, आज शांति और विकास के पथ पर अग्रसर है। बच्चों के हाथों से बंदूकें छूटकर खेल की ओर मुड़ना बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों से साफ दिखाई दे रहा है।
👉जवानों के पराक्रम की सराहना

उन्होंने कहा कि जवानों के अदम्य साहस और बलिदान के कारण ही नक्सलवाद का सफाया संभव हो सका है और देश में अब नक्सली हिंसा अंतिम सांसें ले रही है।
👉’दिमागी नक्सलियों’ से सतर्क रहने की चेतावनी

पीएम मोदी ने सचेत करते हुए कहा कि हालांकि जंगलों से सशस्त्र नक्सलवाद का अंत हो चुका है, लेकिन संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ भ्रम फैलाने वाले दिमागी (अर्बन) तत्वों से अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री के इस दौरे से नक्सल विरोधी अभियानों में तैनात सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा है और स्थानीय प्रशासन ने इसे बस्तर में स्थायी शांति और विकास के प्रतीक के रूप में देखा है।
