सरकारी तालाब को राखड़ से पाटने का मामला :गुनहगारों को बचाने जुटे दलाल ,ठेकेदार को अभयदान पर उठे सवाल !प्रशासन को नोटिस के जवाब का इंतजार

सरकारी तालाब को राखड़ से पाटने का मामला :गुनहगारों को बचाने जुटे दलाल ,ठेकेदार को अभयदान पर उठे सवाल !प्रशासन को नोटिस के जवाब का इंतजार

कोरबा। अनुविभाग कोरबा के अंतर्गत ग्राम बरीडीह के धनवार पारा स्थित मनरेगा के तालाब को पाटने/पटवाने के मामले में जांच पर कार्रवाई लंबित है। कोरबा जनपद के सीईओ जीके मिश्रा ने निर्देश पर जांच उपरांत अपनी रिपोर्ट कार्यवाही की अनुशंसा के साथ प्रतिवेदन जिला सीईओ को सौंप दिया है। जिला सीईओ नूतन कंवर द्वारा संबंधितों को नोटिस जारी किया गया है लेकिन जवाब अप्राप्त है। मामले के प्रतिवेदन में ग्राम सरपंच और रोजगार सहायक को बर्खास्त करने एवं पंचायत सचिव पर निलंबन की कार्यवाही के अनुशंसा की गई है। जांच रिपोर्ट में सारा कुछ स्पष्ट होने के बाद भी कारण बताओ नोटिस के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। दूसरी ओर इस मामले को मामूली कार्रवाई कर रफा-दफा करने/कराने की फिराक में कुछ नेता नुमा दलाल जोर-शोर से जुटे हुए हैं।

इनके द्वारा संबंधित ठेकेदार जिसने राख फिंकवाया है, उसे बचाने की पुरजोर कवायद की जा रही है। हालांकि इस मामले में ग्रामवासियों का कहना है कि एफआईआर भी दर्ज होनी चाहिए।सरकारी मनरेगा निर्मित तालाब को पाटना कोई छोटी-मोटी घटना नहीं है बल्कि इसे गंभीरता से लेकर यदि कार्यवाही सरपंच,सचिव, रोजगार सहायक पर कठोरता से की जाए तो ठेकेदार भी मामले में उतना ही बराबर का दोषी बनता है। लैंको संयंत्र से निकलने वाली राख के निस्तारण का ठेका लेने वाले ठेकेदार के द्वारा एवं उसके कर्मचारियों की मदद से राखड़ को जहां-तहां अब भी डलवाया जा रहा है जो कि गंभीर मामला है। हालांकि प्रकरण को जिस गंभीरता से प्रशासन को लेना चाहिए,उतनी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है वरना लगभग एक महीना होने को है किंतु अब तक नोटिस और जवाब पर ही बात अटकी हुई है। इस तरह की सुस्त चाल नि:संदेह नियमों का उल्लंघन करने वालों का मनोबल बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करने वाला ही है। संबंधित ठेकेदार अपने आप को बचाने के लिए नेता नुमा दलालों का सहारा ले रहा है। कुछ प्रशासनिक अधिकारियों से मिलजुल कर अपना मामला सेट कराने में जुटा हुआ है। देखना है कि मनरेगा का तालाब पाटने के इस मामले में प्रशासन की गाज किस-किस पर और किस हद तक गुजरती है या फिर अपने ही नुमाइंदों के हाथों की कठपुतली बनकर अभय दान देने का क्रम जारी रहेगा!
बता दें कि ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कराकर आदेश/अनुमति प्राप्त कर लेने के बाद उसका दुरुपयोग किया जाकर कोरबा जनपद एवं विकासखंड के अंतर्गत ग्राम बरीडीह के धनवार पारा में मनरेगा से निर्मित लगभग पौने 13 लाख रुपए के तालाब को राख से पटवा देने का मामला मीडिया ने सामने लाया। जब यह खबर प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंची तो आनन-फानन में जिला पंचायत के सीईओ नूतन सिंह कंवर के द्वारा मौके पर निरीक्षण के लिए संयुक्त टीम भेजी गई। परियोजना अधिकारी बीपी भारद्वाज के साथ ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग(आरईएस) कोरबा के एसडीओ श्री साहू व अन्य ने मौका मुआयना किया तो यहां तालाब की शिला पट्टिका जरूर मिली लेकिन तालाब का नामोनिशान मिट चुका था। तालाब को ग्राम पंचायत ने राख से पटवा डाला। सारा कुछ आईने की तरह साफ है फिर भी कार्यवाही और इसके पूर्व की प्रक्रिया की चाल सुस्त है।

क्षेत्रीय विधायक की खामोशी लोगों में चर्चा का केंद्र बिंदू

अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े व जनहित के मुद्दों पर अक्सर मुखर होने और तत्काल शासन- प्रशासन को चिट्ठी लिखकर कार्रवाई की मांग करने वाले क्षेत्रीय रामपुर विधायक भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकीराम कंवर की इस गंभीर मामले में खामोशी को लोग चौंकाने वाला बता रहे हैं। हालांकि इस संबंध में श्री कंवर से संपर्क करने का प्रयास किया गया किन्तु संपर्क नहीं हो सका।

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