CG :कोरबा SDM रहे वीरेंद्र बहादुर पँचभाई समेत राज्य प्रशासनिक सेवा के 7 अफसरों को IAS अवार्ड , नायब तहसीलदार के पद पर सलेक्ट होकर IAS की देहरी तक पहुंचने वाले छत्तीसगढ़ के पहले अफसर बने पँचभाई का जानें प्रशासनिक सफरनामा …

दिल्ली -रायपुर ।ब्यूरोक्रेसी से एक बड़ी खबर है।राज्य प्रशासनिक सेवा के 7 अफसरों को आईएएस अवॉर्ड हुआ है। केंद्र सरकार के डीओपीटी (DOPT) ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश में 2008 के 2 , 2010 के 2 और 2013 के 4 अफसरों को आईएएस अवार्ड किया गया है।
छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार कोई नायब तहसीलदार सलेक्ट हुआ अफसर आईएएस की देहरी तक पहुंच गया है। वीरेंद्र बहादुर पंच भाई को आईएएस अवार्ड के लिए हरी झंडी मिल गई है। महत्वपूर्ण यह है कि अविभाजित मध्यप्रदेश में अभी तक एक बार ही हुआ है, वो भी छत्तीसगढ़ के भिलाई के नायब तहसीलदार से राज्य प्रशासनिक सेवा में प्रमोट हुए अफसर को आईएएस अवार्ड हुआ था।

दिल्ली में हुई डीपीसी ( DPC ) में छत्तीसगढ़ के जिन 7 राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को आईएएस अवार्ड हुआ है, उनमें एक नाम बीरेंद्र पंचभाई का भी है। पंचभाई के नाम पर आश्चर्य इसलिए कि वे नायब तहसीलदार कैडर से आईएएस तक पहुंचने वाले सूबे के पहले शख्सियत हैं।

👉छत्तीसगढ़ में पहली बार

पंच भाई नायब तहसीलदार से प्रमोट होकर राज्य प्रशासनिक सेवा में आए और इसके बाद अब आईएएस हो गए हैं। छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहली दफा हुआ है कि कोई नायब तहसीलदार रैंक से आईएएस तक पहुंच गया हो। अविभाजित मध्यप्रदेश में भी अभी तक सिर्फ एक पंडित सरनेम का अफसर नायब तहसीलदार से आईएएस हुआ। पंडित भी छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले थे। इसके अलावे अविभाजित मध्यप्रदेश में कोई और नायब तहसीलदार देश की सर्वोच्च सेवा तक नहीं पहुंचा। अभी तक नायब तहसीलदार अगर कम एज में सलेक्टर हो गए हों तो अधिक-से-अधिक अपर कलेक्टर तक पहुंच पाते हैं। वरना, डिप्टी कलेक्टर उनका आखिरी मुकाम होता है।

👉जानिए कौन हैं पंचभाई

वीरेंद्र बहादुर पंच भाई दुर्ग जिले के रहने वाले हैं। मध्यप्रदेश के दौरान 1993 में उनका आरक्षित कोटे से नायब तहसीलदार में सलेक्शन हुआ था। वे कई साल तक अभनपुर में नायब तहसीलदार और तहसीलदार रहे। इसके बाद 2010 वे राज्य प्रशासनिक सेवा में सलेक्ट हुए। रायपुर में वे लंबे समय तक अपर कलेक्टर रहे। नई सरकार आने के बाद उनका नारायणपुर ट्रांसफर किया गया। अभी वे नारायणपुर में अपर कलेक्टर हैं।

👉कोरबा जिले में SDM के तौर पर छोंडी कार्यकुशलता की छाप

श्री पंचभाई कोरबा जिले में कटघोरा एवं कोरबा एसडीएम के तौर पर उल्लेखनीय सेवाएं दे चुके हैं। इनके कार्यकाल में राजस्व कार्यों के उत्कृष्ट संपादन से लेकर ,शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने,विकास कार्यों के नाम पर शासकीय धनराशि आहरित कर चुके गबनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की चर्चा आज भी होती है।

बहरहाल, छत्तीसगढ़ के राज्य प्रशासनिक सेवा के जिन 7 अधिकारियों को आईएएस मिला है, उनमें तीर्थराज अग्रवाल, लीना कोसम, सौमिल चैबे, संदीप अग्रवाल, सुमित अग्रवाल, बीरेंद्र पंचभाई, आशीष टिकरिहा शामिल हैं।

👉ये 7 नए IAS

लीना कोसम इस समय पीएससी की परीक्षा नियंत्रक है। सौमिल चौबे हार्वर्ड एवं ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हैं। वह इसके पूर्व संचालक जनसंपर्क का दायित्व सम्हाल चुके हैं। संदीप अग्रवाल सीईओ जिला पंचायत बिलासपुर के रूप में पदस्थ हैं। 2013 पीएससी के टॉपर सुमित अग्रवाल को भी आईएएस बनाया गया है। बीरेन्द्र पंचभाई लंबे समय तक रायपुर में पोस्टेड रहे। इस समय बस्तर में कार्य कर रहे हैं। वहीं, तीर्थराज अग्रवाल इस समय वन और परिवहन मंत्री केदार कश्यप के ओएसडी हैं और आशीष टिकरिहा वित्त मंत्री ओपी चैधरी के ओएसडी हैं। सौमिल चौबे और पंचभाई को पिछले साल ही आईएएस अवार्ड हो गया होता। जीएडी के अधिकारियों के डीपीसी से वापिस लौटने के बाद वहां पता नहीं किस स्तर पर क्या हुआ कि आईएएस अवार्ड का पैरामीटर बदल गया था।
कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ के आईएएस कैडर में 7 और अधिकारी शामिल हो गए। याने आईएएस अफसरों की संख्या अब 7 और बढ़ गई है।

सोर्स -NPG