निसंतान दंपत्तियों के लिए अच्छी खबर , एम्स भोपाल में शुरू होने जा रहा IVF सेंटर ,जानें ट्रीटमेंट का मिनिमम खर्च …

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में जल्द ही इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) सेंटर खुलने जा रहा है। प्रदेश में यह पहला सरकारी आईवीएफ सेंटर होगा, जो निसंतान दंपतियों के जीवन में खुशियां लाएगा।

सेंटर की सबसे अहम बाद यह है कि जहां प्राइवेट अस्पतालों में आईवीएफ ट्रीटमेंट का खर्च लाखों रुपये आता है, वहीं यहां मिनिम खर्च 50 हजार रुपये से 80 हजार के बीच आएगा।

इसके पहले एम्स दिल्ली और एम्स रायपुर में आईवीएफ सेंटर शुरू किया जा चुके हैं। अब एम्स भोपाल में इसे शुरू किया जा रहा है। 20 करोड़ रुपये की लागत से यह सेंटर तैयार किया गया है। इसमें निसंतान दंपतियों के लिए सभी तरह की जांच और इलाज उपलब्ध होगा। सबसे खास बात यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर दंपती भी इस सेंटर में इलाज के जरिए संतान पा सकते हैं।

👉महिला की उम्र पर निर्भर करती है आईवीएफ ट्रीटमेंट की सफलता

डॉक्टरों के मुताबिक आईवीएफ ट्रीटमेंट की सफलता का प्रतिशत महिलाओं की उम्र पर निर्भर करता है। विशेषज्ञों की माने तो 21 से 30 साल की उम्र की महिलाओं में ट्रीटमेंट की सफलता का प्रतिशत 60 से 70 के बीच होता है। वहीं 30 से 35 की उम्र में यह प्रतिशत घटकर 50 और 55 के बीच हो जाता है।

इससे ऊपर 35 साल से ऊपर की उम्र की महिलाओं के लिए ट्रीटमेंट सफल होने का प्रतिशत 30 से 35 तक ही होता है। डॉक्टरों के अनुसार उम्र के हिसाब से जितना जल्द हो ट्रीटमेंट की सफलता का प्रतिशत उतना ज्यादा रहता है।