मास्को: रूस के छोटे शहर टोरझोक में एक पुराने घर की नींव के नीचे दबा हुआ मिट्टी का जार मिला. इस जार के अंदर 409 सोने के सिक्के सुरक्षित हालत में पाए गए. एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि यह खजाना करीब 110 साल से जमीन के नीचे दबा था.
सिक्कों की मिंटिंग डेट 1848 से 1911 के बीच की बताई जा रही है. इससे संकेत मिलता है कि यह खजाना रूसी क्रांति के आसपास के दौर में छिपाया गया होगा. यह खोज रूस के इतिहास और उस समय के आर्थिक हालात को समझने में अहम साबित हो सकती है.
👉पुराने घर की नींव हटाते समय मिला मिट्टी का जार

यह खोज तब हुई जब इलाके में नई कंस्ट्रक्शन से पहले रेस्क्यू एक्सकेवेशन किया जा रहा था. इस दौरान पुरातत्व टीम ने एक पुराने पत्थर की नींव को हटाया. नींव के नीचे उन्हें एक टूटा हुआ मिट्टी का बर्तन मिला जिसे कंड्यूश्का कहा जाता है. यह छोटा जार होता है जिसमें हैंडल और पतली गर्दन होती है. जब टीम ने जार के टुकड़ों की जांच की तो अंदर से सोने के सिक्कों का बड़ा संग्रह सामने आया. कुल 409 गोल्ड कॉइन बरामद हुए.
👉ज्यादातर सिक्के 10 रूबल के, शाही दौर की मिंटिंग
कॉइन एनालिसिस के बाद पता चला कि ज्यादातर सिक्के 10 रूबल वैल्यू के हैं. इनमें कुछ सिक्के जार निकोलस प्रथम के शासनकाल के समय के हैं. लेकिन अधिकतर सिक्के उनके बेटे जार निकोलस द्वितीय के शासनकाल में बनाए गए थे.
1917 की रूसी क्रांति रूस के इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक थी. उस समय राजशाही खत्म हो गई थी और देश में भारी उथल पुथल शुरू हो गई थी. युद्ध, आर्थिक संकट और राजनीतिक बदलाव के कारण लाखों लोगों की जिंदगी अचानक बदल गई थी.
कई परिवारों ने अपनी जमा पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए जमीन में छिपा दिया था. पुरातत्वविदों का मानना है कि टोरझोक में मिला यह खजाना भी उसी दौर में छिपाया गया होगा. संभव है कि जिसने यह सिक्के छिपाए, वह बाद में उन्हें निकालने वापस नहीं आ पाया.
👉खजाने के मालिक की पहचान अभी भी रहस्य
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह खजाना किसका था. इतिहास के रिकॉर्ड बताते हैं कि उस समय इस इलाके की सड़क पर करीब 24 घर थे.
यहां पुजारी, दुकानदार, अकाउंटेंट और मजदूर जैसे लोग रहते थे. लेकिन एक समस्या है. उस समय के घरों की नंबरिंग आज की नंबरिंग से मेल नहीं खाती. इसलिए फिलहाल यह पता लगाना मुश्किल है कि असली मालिक कौन था. अब यह सिक्के टोरझोक के ऑल रशियन हिस्टोरिकल एंड एथनोग्राफिक म्यूजियम में प्रदर्शित किए जाएंगे. एक्सपर्ट्स इनका आगे रिसर्च और एनालिसिस करेंगे.
