कोरबा । जिले से एक बेहद दुखद और आक्रोशित करने वाली खबर सामने आ रही है। 5 दिन पहले कबाड़ चोरों के जानलेवा हमले का शिकार हुए एएसआई रामनारायण रात्रे के पुत्र चंद्रमणि उर्फ डब्बू ने आखिरकार जिंदगी की जंग हार दी। रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल में उपचार के दौरान चंद्रमणि की मौत हो गई है। इस घटना के बाद से मृतक के परिजनों और समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है।
👉पीछा कर किया था जानलेवा हमला: अंदरूनी अंगों में आई थीं गंभीर चोटें
घटना 5 दिन पहले की है, जब सब इंस्पेक्टर के पुत्र चंद्रमणि उर्फ डब्बू अपने दोस्त अरविंद राठौर के साथ गाड़ी से जा रहे थे। इसी दौरान कबाड़ चोरों ने उनका पीछा किया और उन्हें रोककर बेरहमी से मारपीट की। आरोपियों ने चंद्रमणि के सिर, हाथ-पैर और सीने पर ताबड़तोड़ वार किए थे।
👉मेडिकल रिपोर्ट में हुआ था बड़े फ्रैक्चर का खुलासा

हमले के बाद चंद्रमणि को अत्यंत गंभीर हालत में रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल रेफर किया गया था। डॉक्टरों द्वारा की गई एक्स-रे और मेडिकल जांच में शरीर की कई हड्डियां फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई थी। इसके साथ ही चंद्रमणि के शरीर के अंदरूनी अंगों (इंटरनल ऑर्गन्स) को भी गंभीर नुकसान पहुंचा था, जिसके कारण उनकी स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई थी और आज उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली।
👉पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल: आरोपी अब भी फरार
इस संवेदनशील मामले में पुलिस प्रशासन की सुस्ती को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। पीड़ित खुद एक सब इंस्पेक्टर का बेटा था, इसके बावजूद घटना के 5 दिन बीत जाने के बाद भी मारपीट करने वाले मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से कानून व्यवस्था पर उंगलियां उठ रही हैं।
👉“जब तक गिरफ्तारी नहीं, तब तक अंतिम संस्कार नहीं”
परिजनों और समाज का अल्टीमेटम:
चंद्रमणि की मौत की खबर मिलते ही उनके गृह जिले और समाज में शोक के साथ-साथ भारी गुस्सा फैल गया है। समाज के प्रतिनिधियों और पीड़ित परिवार ने दो टूक शब्दों में ऐलान कर दिया है कि “जब तक चंद्रमणि की जान लेने वाले कबाड़ चोरों और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक मृतक का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।”
