CG :1 अप्रैल से लागू होगी नई सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी 2026,अब 4 तरह से होगा कचरे का अलग-अलग संग्रह, ऑन-द-स्पॉट जुर्माना 500 से 50 हजार तक, शादी-पार्टी पर भी सख्ती, 100 मेहमान पर देना होगा 3 दिन पहले सूचना…

रायपुर। छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में 1 अप्रैल 2026 से नई सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2026 लागू होने जा रही है। केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ये नियम 2016 के पुराने नियमों की जगह लेंगे और कचरा प्रबंधन को अधिक सख्त एवं व्यवस्थित बनाएंगे।

👉आयोजन पर नई अनिवार्यता

अब शादी, जन्मदिन या किसी भी सामाजिक/निजी आयोजन में 100 से अधिक मेहमान बुलाने पर आयोजकों को कम से कम 3 कार्य दिवस पहले नगर निगम/नगर पालिका को सूचना देना अनिवार्य होगा।

👉 इसका उद्देश्य बड़े आयोजनों से उत्पन्न कचरे के निपटान की पूर्व तैयारी करना है।

👉 नियमों का पालन नहीं करने या आयोजन स्थल पर गंदगी मिलने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

ऑन-द-स्पॉट फाइन का कड़ा प्रावधान
नए नियमों के तहत स्थानीय निकाय मौके पर ही जुर्माना लगा सकेंगे, जो 500 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक हो सकता है।

🗑️ अब चार तरह से करना होगा कचरे का पृथक्करण

नए नियमों में सबसे बड़ा बदलाव चार-धारा कचरा पृथक्करण है

—गीला कचरा: रसोई अपशिष्ट, फल-सब्जियों के छिलके – कंपोस्ट/बायोमेथेनेशन के लिए

सूखा कचरा: प्लास्टिक, कागज, धातु, कांच – रिसाइक्लिंग के लिए

सैनिटरी कचरा: डायपर, नैपकिन आदि – सुरक्षित पैक कर अलग रखना होगा

विशेष कचरा: बल्ब, बैटरी, दवाइयां, पेंट – अधिकृत एजेंसियों को देना अनिवार्य.

👉 मिश्रित कचरा देने पर नगर निगम का वाहन कचरा उठाने से मना कर सकता है और मौके पर जुर्माना लगाया जा सकता है।

  • रेहड़ी-पटरी वालों के लिए सख्ती: सड़क किनारे व्यवसाय करने वाले वेंडर्स को अब अनिवार्य रूप से डस्टबिन रखना होगा। काम खत्म होने के बाद कचरा वहीं छोड़ने पर कार्रवाई होगी।

👉बड़े संस्थानों की बढ़ी जिम्मेदारी: बड़े आवासीय परिसर, होटल, अस्पताल, विश्वविद्यालय अब स्रोत पर ही कचरा प्रोसेस करेंगे

  • कचरा बीनने वालों को पंजीकरण, आईडी और वर्दी दी जाएगीलैंडफिल में सिर्फ गैर-रीसायक्लेबल कचरा ही जाएगा
  • कंपनियों पर सैनिटरी वेस्ट के निपटान की जिम्मेदारी (EPR) तय होगी.

👉डिजिटल ट्रैकिंग और पोर्टल के जरिए निगरानी

स्वच्छ भारत की ओर बड़ा कदमनई पॉलिसी का उद्देश्य कचरे का स्रोत पर पृथक्करण, रिसाइक्लिंग को बढ़ावा और लैंडफिल पर निर्भरता कम करना है।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि 1 अप्रैल से पहले ही घरों में चार अलग-अलग डस्टबिन की व्यवस्था करें और नए नियमों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि स्वच्छ और हरित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य हासिल किया जा सके।