दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक लेने जा रहा है. राजधानी दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रस्तावित महिला आरक्षण विधेयक को ‘नारी शक्ति’ को समर्पित एक ऐतिहासिक कदम बताया.
पीएम मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘देश के विकास के सफर में इन अहम पड़ावों के बीच, भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक लेने जा रहा है. मैं पूरी ज़िम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि 21वीं सदी के अहम फैसलों में से यह एक बहुत ही अहम फैसला है. यह फैसला नारी शक्ति को समर्पित है. नारी शक्ति वंदन को समर्पित है.’

प्रधानमंत्री मोदी ने इसे एक ऐसा कदम बताया जो अतीत के सपनों को हकीकत में बदलेगा और सामाजिक न्याय को शासन और फैसला लेने की प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा बनाएगा. चलिये जानते हैं पीएम मोदी की कही 10 खास बातें…
1 .अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समय देश में बैसाखी का उत्साह है और कल देश के अलग-अलग हिस्सों में नववर्ष भी मनाया जाएगा. उन्होंने इस अवसर पर जलियांवाला बाग नरसंहार के वीर बलिदानियों को भी श्रद्धांजलि दी.
2 .प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘देश की विकास यात्रा के इन अहम पड़ावों के बीच भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णयों में से एक लेने जा रहा है. मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि यह निर्णय नारी शक्ति को को समर्पित है, नारी शक्ति वंदन को समर्पित है.’
3 .उन्होंने कहा कि भारत की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है. एक ऐसा इतिहास जो अतीत के संकल्पों को साकार करेगा और भविष्य के लक्ष्यों को पूरा करेगा. एक ऐसे भारत की कल्पना, जहां सामाजिक न्याय सिर्फ नारा न होकर कार्यसंस्कृति और निर्णय प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा बने.
4 .प्रधानमंत्री ने बताया कि 16, 17 और 18 अप्रैल के दिन दशकों से चली आ रही महिला आरक्षण की प्रतीक्षा के अंत के रूप में देखे जा रहे हैं. उन्होंने याद दिलाया कि 2023 में नई संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के रूप में पहला कदम उठाया गया था.
5 .उन्होंने कहा कि इस कानून को समय पर लागू करने और लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत बनाने के लिए 16 अप्रैल से संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक आयोजित की जा रही है. इस सम्मेलन को उन्होंने देशभर की महिलाओं के आशीर्वाद प्राप्त करने का माध्यम भी बताया.
6 .उन्होंने कहा, ‘मैं यहां किसी को उपदेश देने नहीं आया हूं, मैं सिर्फ देश की महिलाओं का आशीर्वाद लेने आया हूं.’ उन्होंने देश के कोने-कोने से आई महिलाओं का आभार जताया और कहा कि उनकी भागीदारी इस ऐतिहासिक पहल को और मजबूती देती है.
7.पीएम मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं को आरक्षण देने की जरूरत दशकों से महसूस की जा रही थी और इस पर करीब चार दशक से चर्चा चल रही है. इसमें सभी राजनीतिक दलों और कई पीढ़ियों के प्रयास शामिल रहे हैं.
8 .प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2023 में जब यह कानून संसद में लाया गया था, तब सभी दलों ने सर्वसम्मति से इसका समर्थन किया था. उन्होंने बताया कि उस समय विपक्षी दलों ने भी जोर देकर कहा था कि यह प्रावधान हर हाल में 2029 तक लागू होना चाहिए.
9 .अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश की सभी महिलाओं को ‘नए युग के आगमन’ की बधाई दी और कहा कि यह फैसला देश के लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाएगा.
10 .पीएम मोदी ने कहा- लाखों महिलाओं की राजनीति और सामाजिक जीवन में ये सक्रियता, दुनिया के बड़े-बड़े नेताओं और राजनीति के विशेषज्ञों के लिए भी बहुत ही हैरान करने वाली बात होती है. इससे भारत का गौरव बहुत बढ़ता है. अनेक अध्ययनों में ये सामने आया है कि जब निर्णय प्रक्रियाओं में महिलाओं की सहभागिता बढ़ी, तो इससे व्यवस्थाओं में भी संवेदनशीलता आई है.
