साइबर अपराधियों का बढ़ता दुस्साहस ,अक्षय कुमार की बेटी से मंगवाई न्यूड फोटो ,अलर्टनेस ने बचाया बच्ची को ,महाराष्ट्र पुलिस के हत्थे चढ़ा पुलिस ….

मुंबई । देशभर में बढ़ते साइबर क्राइम को देखते हुए मुंबई के आर.डी. नेशनल कॉलेज में एक विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य छात्रों को डिजिटल दुनिया के खतरों के प्रति सचेत करना और उन्हें सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के बारे में जानकारी देना था।

कार्यक्रम का आयोजन महाराष्ट्र साइबर विभाग के सहयोग से किया गया, जिसमें विभाग के प्रमुख यशस्वी यादव ने अहम भूमिका निभाई। इस दौरान खुलासा हुआ कि अक्षय कुमार की बेटी भी साइबर अपराधिकियों के चुंगल में फंसने से बची।

सत्र के दौरान छात्रों को ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, सोशल मीडिया सुरक्षा, फिशिंग हमलों और साइबर बुलिंग जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे साइबर अपराधी लोगों को फंसाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं और उनसे बचने के लिए किन सावधानियों का पालन करना चाहिए। छात्रों को यह भी समझाया गया कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और अपनी निजी जानकारी किसी के साथ शेयर न करें।

👉ऑनलाइन गेमिंग के दौरान हुई थी घटना

कार्यक्रम के दौरान एक चौंकाने वाला मामला भी सामने आया। यशस्वी यादव ने बताया कि बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने साइबर विभाग से संपर्क कर एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी 13 वर्षीय बेटी जब ऑनलाइन गेम खेल रही थी, तब उसे एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा आपत्तिजनक संदेश भेजा गया, जिसमें उससे न्यूड तस्वीरें मांगी गईं। बच्ची ने पैरेंट्स ने बताया और उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क किया।

👉गिरफ्तार हुआ था आरोपी

इस घटना को महाराष्ट्र साइबर विभाग ने बेहद गंभीरता से लिया और तुरंत जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई के जरिए आरोपी की पहचान की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई करना बेहद जरूरी है ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और अन्य लोगों को भी सुरक्षित रखा जा सके।

यशस्वी यादव ने छात्रों से अपील की कि वे इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी मुद्दा नहीं है, बल्कि यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी भी है। आयोजनकर्ताओं के अनुसार, यह सत्र छात्रों के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ और उन्हें डिजिटल सुरक्षा के महत्व को समझने में मदद मिली।