KORBA : सुशासन की सरकार में कोरबा निगम क्षेत्र के विकास पर लगा ब्रेक ! पार्षद निधि की राशि 2 साल से अटकी,ठेकेदारों का लटका भुगतान ,उठे सवाल ….

कोरबा। छत्तीसगढ़ सरकार में कैबिनेट मंत्री के गृह जिला/निर्वाचन क्षेत्र में सरकार पार्षद निधि की शेष राशि जारी नहीं कर रही है। पिछले 2 साल से लगातार पत्र व्यवहार किया जा रहा है किंतु नगरीय प्रशासन विभाग के द्वारा शेष 50% की राशि जारी नहीं किए जाने के कारण ठेकेदारों को बकाया भुगतान करने में काफी दिक्कतें आ रही है। उनकी आर्थिक स्थिति डावांडोल हो रही है। निगम कमिश्नर इस विषय में कई बार पत्राचार कर चुके हैं लेकिन उसे भी अनसुना कर दिया जा रहा है। इसके पीछे आखिर वजह क्या है, यह ठेकेदारों और अधिकारियों के भी समझ से परे है। एक तरफ सरकार का कहना है कि विकास कार्यों के लिए रुपयों की कोई कमी नहीं है तो दूसरी तरफ कोरबा में काम हो जाने के बाद भी राशि प्राप्त करने के लिए ठेकेदारों को हलाकान होना पड़ रहा है। इस बात को लेकर आश्चर्य तब ज्यादा हो रहा है जब प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव का प्रभार जिला भी कोरबा ही है।

नगर पालिक निगम, कोरबा के ठेकेदारों ने विभागीय स्तर पर लम्बे समय से लंबित भुगतानों को शीघ्र प्रदान करने के लिए निगम आयुक्त को पुनः पत्र लिखा है।
पत्र में कहा गया है कि :- नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा जारी निविदाओं के माध्यम से हम समस्त ठेकेदारों द्वारा विभिन्न मद के अंतर्गत विभिन्न निर्माण कार्य किए गए हैं।
विभिन्न मद जैसे, पार्षद मद, अधोसंरचना, डीएमएफ, विधायक निधि, सांसद निधि, प्रभारी मंत्री मद आदि।
महोदय, हम ठेकेदारों द्वारा निर्माण कार्यों को पूर्ण किए जाने के बाद भी लम्बे समय 6-6 महीना, साल भर तक विभाग द्वारा भुगतान प्रदान नहीं किया जाता है जिससे कि हम सभी को अत्याधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
हम ठेकेदारों को अनेक प्रकार के दायित्वों का निर्वहन करना होता है पारिवारिक एवं व्यापारिक एम अधिनस्त श्रमिकों का भुगतान की समस्या उत्पन्न होती हैं। जहां हमें आर्थिक सामाजिक और अन्य तरह की जिल्लत सहनी पड़ती है और तो और व्यापारी वर्ग भी उधारी में सामान देने से मना कर देते हैं और बात अगर निगम कार्य हेतु सामान की हुई तो उधारी पैसा मिलेगा या नहीं सोच कर सामान देने से ही अपना हाथ खींच लेते हैं। जिससे दूसरे निर्माण कार्यों को पूर्ण करने में असमर्थता होती है। बहुत से ठेकेदार ऐसे हैं जिनको अपना घर चलाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अगर ठेकेदारों द्वारा स्वयं के लगाए हुए पैसे का रोलिंग ही नहीं होगा तो वो काम ही नहीं कर पाएगा जो बात विभाग को सोचनी चाहिए ।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि, विभागीय स्तर पर जितने भी मदो के भुगतान लंबित हैं उन्हें जल्द से जल्द भुगतान किया जाए।
क्योंकि ठेकेदार अनुबंध नगर निगम कोरबा से करता है। अकाउंट शाखा द्वारा राज्य सरकार को भुगतान हेतु आवश्यक कार्यवाही करने में सुस्ती दिखाई जाती है जिस वजह से कार्य का भुगतान में अनावश्यक विलंब होता है । जितने भी भुगतान लंबित हैं उन्हें यथाशीघ्र भुगतान करने का कष्ट करे।
साथ ही इन संपूर्ण विषयों को लेके ठेकेदार साथीगण आपसे एक व्यक्तिगत मुलाकात करना चाहते है, पूर्व में भी ऐसी बैठक का आयोजन नगर निगम कोरबा के द्वारा किया गया है।