कोरबा । छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से भ्रष्टाचार का एक बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ तुमान क्षेत्र में आयोजित सरकार के ‘सुशासन तिहार’ के समाधान शिविर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बिलासपुर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने अचानक दबिश देकर एक शासकीय कर्मचारी को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। पकड़ा गया आरोपी विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय में सहायक ग्रेड-2 (बाबू) के पद पर पदस्थ है।
👉सेवानिवृत्त शिक्षक से मांगी थी घूस

मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित अमृतलाल बघेल जो कि एक सेवानिवृत्त (Retired) शिक्षक हैं, उनका विभाग से जुड़ा कोई काम लंबे समय से लंबित था। इस काम को पूरा करने के एवज में बीईओ कार्यालय के सहायक ग्रेड-2 बाबू प्रदीप मिश्रा द्वारा 40,000 रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी। परेशान होकर सेवानिवृत्त शिक्षक ने इसकी शिकायत बिलासपुर एंटी
करप्शन ब्यूरो से कर दी।
👉समाधान शिविर में बिछाया गया जाल

शिकायत का सत्यापन करने के बाद ACB की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए रणनीति तैयार की। मौका तब चुना गया जब तुमान में ‘सुशासन तिहार समाधान शिविर’ चल रहा था, जहाँ जनता की समस्याओं का निवारण किया जा रहा था। इसी शिविर में जैसे ही पीड़ित शिक्षक ने बाबू प्रदीप मिश्रा को केमिकल लगे हुए 40,000 रुपये थमाए, वैसे ही सादे कपड़ों में मुस्तैद ACB की टीम ने अचानक स्लॉट में धावा बोल दिया।
👉डीएसपी अजितेश सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
बिलासपुर ACB के डीएसपी अजितेशसिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने आरोपी बाबू प्रदीप मिश्रा को रिश्वत की रकम के साथ मौके पर ही रंगे हाथों दबोच लिया। कार्रवाई के तुरंत बाद टीम आरोपी को शिविर स्थल के पास ही स्थित कोषा विभाग के एक कक्ष में लेकर गई, जहाँ बंद कमरे में आरोपी से कड़ी पूछताछ की जा रही है और नोट जब्त कर आगे की वैधानिक कागजी कार्रवाई की जा रही है।
👉सुशासन के दावों पर सवाल
जनता की सहूलियत और पारदर्शी शासन के लिए लगाए गए ‘सुशासन तिहार शिविर’ में ही रिश्वतखोरी का यह खेल उजागर होने से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। शिविर में मौजूद लोग भी इस अचानक हुई कार्रवाई को देखकर दंग रह गए। बिलासपुर एसीबी की इस त्वरित कार्रवाई की इलाके में काफी चर्चा हो रही है।
