दिल्ली – कर्नाटक । सिद्धारमैया को कांग्रेस हाईकमान ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) का सदस्य नियुक्त किया है। पार्टी अध्यक्ष की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी।

कांग्रेस संगठन में यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है। कर्नाटक की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले सिद्धारमैया को पार्टी नेतृत्व ने राष्ट्रीय स्तर पर और बड़ी भूमिका देने का संकेत दिया है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, आगामी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती को देखते हुए यह नियुक्ति काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सिद्धारमैया फिलहाल कर्नाटक की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। कांग्रेस वर्किंग कमेटी में उनकी एंट्री से दक्षिण भारत में पार्टी की पकड़ और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच इस फैसले को लेकर उत्साह का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी समर्थक लगातार सिद्धारमैया को बधाई दे रहे हैं।
👉यह बड़ी ज़िम्मेदारी (CWC) क्या है?
बहुत से लोगों के मन में यह सवाल होता है, कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) आखिर है क्या, और इसमें सदस्य होना इतनी बड़ी ज़िम्मेदारी क्यों माना जाता है? इसे स्पष्ट करते हुए बता दें कि कांग्रेस कार्यसमिति, कांग्रेस पार्टी की सर्वोच्च कार्यकारी संस्था और उसकी मुख्य नीति-निर्धारक संस्था के तौर पर काम करती है। आसान शब्दों में कहें तो, यह पार्टी का ‘पावरहाउस’ है, वह जगह जहां पार्टी से जुड़े सभी बड़े और अंतिम फ़ैसले लिए जाते हैं।
👉इस समिति के प्रमुख कार्यों और शक्ति
राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की राजनीतिक रणनीति और चुनावी अभियानों की रूपरेखा यहीं तय होती है। पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखना और कांग्रेस के संविधान को लागू करने की अंतिम जिम्मेदारी इसी कोर टीम की होती है। इस सर्वोच्च नीति-निर्धारक कोर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित केवल 39 स्थायी सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा, विभिन्न फ्रंटल विंग्स और क्षेत्रीय प्रभारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 15 विशेष आमंत्रित सदस्य भी इसका हिस्सा होते हैं। इसी विशेष 39 सदस्यों की लिस्ट में अब सिद्धारमैया को जगह मिली है।
