CG : सुशासन की सरकार में DMF से स्वीकृत कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे इस सहायक आयुक्त की ढाल बने हैं कलेक्टर ! आयुक्त ,अपर संचालक के पत्र की अनदेखी कर दिया प्रमाण ! प्रशासनिक जवाबदेहिता पर उठे सवाल ?

हसदेव एक्सप्रेस न्यूज दंतेवाड़ा ।बस्तर संभाग का दंतेवाड़ा जिला सुशासन की सरकार में एक बार फिर चर्चे में है। चर्चा की वजह घोटालों की वजह से सुर्खियों में रहने वाला आदिवासी विकास विभाग एवं दंतेवाड़ा कलेक्टर कार्यालय है,जहां प्रभारी सहायक आयुक्त पर जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफटी) से वित्तीय वर्ष 2025 -26 में तकरीबन 15 करोड़ की लागत से स्वीकृत कार्यों पर अनियमितता के आरोप लगे हैं,तो वहीं दस्तावेजी शिकायत के बावजूद प्रभारी आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास के द्वारा दिए जांच अनुरोध एवं अपर संचालक आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति के स्मरण पत्र की अनदेखी कर कलेक्टर ने मानो सबंधित अधिकारी को डीएमएफ के फंड की लूट की खुली छूट दे दी है। मामले में अब पूरी निगाह प्रदेश के मुखिया पर टिकी होंगी।

यहाँ बताना होगा कि दंतेवाड़ा जिले में प्रभारी सहायक आयुक्त के पद पर कार्यरत राजीव नाग की कार्यशैली मई 2025 से ही चर्चे में रही है। इनके पूर्व के दो सहायक आयुक्तों का 18 करोड़ के फर्जी टेंडर घोटाले में डेढ़ माह तक जेल की हवा खाने की घटनाओं से विभाग पहले से ही शर्मसार है , वहीं गत वित्तीय वर्ष 2025 -26 में जिला खनिज संस्थान न्यास से स्वीकृत हुए 15 करोड़ रू. से अधिक की लागत के विभिन्न विकास कार्य भी सुर्खियों में हैं। इनमें कन्या आश्रम 50 एवं 100 सीटर परचेली, बालक आश्रम 50 एवं 100 सीटर-बेंगलुर, गुडसे, जंगमपाल में नवनिर्माण कार्य, प्री.मै. बालक छात्रावास, प्री.मै. कन्या छात्रावास-बड़ेगुड़ा, रॉजे, गीदम, बारसुर, छिंदनार, छोटे तुमनार में कम्प्यूटर लैब की स्थापना कार्य के कार्य, बालक आश्रम-बारसुर पो.मै. कन्या छात्रावास-किरन्दुल, प्री.मै. कन्या छात्रावास कुआकोण्डा, प्री.मै. अजा. बालक छात्रावास बचेली, बालक आश्रम छोटे तुमनार, प्री.मै. अजजा. कन्या छात्रावास-कटेकल्याण में शौचालय मरम्मत कार्य के कार्य, प्री.मै. कन्या छात्रावास दंतेवाड़ा, प्री. मै. कन्या छात्रावास-जावंगा गीदम, कन्या परिसर पातररास, में स्वीकृत कार्य रिनोवेशन एवं टॉयलेट वर्क के कार्य शामिल हैं, इसी तरह 100 सीटर कन्या आश्रम-गाटम के भवन निर्माण कार्य के कार्य, स्वामी आत्मानंद इंगलिश माध्यम स्कूल-जावंगा, गीदम के छत के ऊपर कराए गए प्रोफाईल सीट कार्य के कार्य, जिले के 12वीं उत्तीर्ण छात्र/छात्राओं हेतु उच्च शिक्षा कौशल विकास पाठ्यक्रम एवं 09 अगस्त 2025 को विश्व आदिवासी दिवस पर स्वीकृत कार्य शामिल हैं।

इन कार्यों समेत अन्य स्वीकृत कार्यों की राज्य स्तरीय अंतर्विभागीय टीम गठित कराकर जांच कराने की शिकायत प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्याण विकास विभाग को की गई थी। जिसमें त्वरित संज्ञान लेते हुए अवर सचिव द्वारा आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसचित जाति विकास विभाग को पत्र व्यवहार किया। जिसकी महीनों तक अनदेखी विभाग हाथ पर हाथ धरकर दर्शक वाली भूमिका में बैठी रही।

मामला राज्यपाल कार्यालय के यहाँ जाने से पूर्व प्रभारी सहायक आयुक्त श्री राजीव नाग आदिवासी विकास जिला- दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा के कार्यकाल में खनिज संस्थान न्यास से स्वीकृति कार्यों में अनियमितता किए जाने सबंधी शिकायत प्रकरण में पत्र क्रमांक 1069 दिनांक 08 /05/2026 के जरिए शिकायत पत्रों में उल्लेखित तथ्यों की जांच कर जांच प्रतिवेदन अभिमत समेत उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था।

जिसका संज्ञान न लेने पर अपर संचालक आदिम जाति तथा अनुसचित जाति विकास नवा रायपुर अटल नगर के यहाँ से पत्र क्रमांक 1547 दिनांक 25 -05-2026 के माध्यम से स्मरण पत्र भेज 7 दिवस के भीतर शासन निर्देशानुसार शिकायत पत्र में उल्लेखित तथ्यों की जांच कर ,जांच प्रतिवेदन अभिमत सहित उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। लेकिन इसकी भी अनदेखी कर कलेक्टर कार्यालय खुला संरक्षण व घोर अनुशासनहीनता का प्रमाण दे रहा है । जिससे शासन की जीरो टॉलरेंस के दावों /मंशा पर पानी फिर रहा।

👉रसूखदार सप्लायरों के बढ़े हौसले ,शिकायतकर्ता को ही प्रलोभन मामले में फंसाने की धमकी !

इस पूरे मामले में सप्लायरों खासकर आश्रम छात्रावासों में एल्युमिनियम सेक्शन वर्क का काम करने वाले फर्म के संचालक के हौसले इस कदर बुलंद हुए हैं कि वो शिकायतकर्ता व खबर प्रकाशन कर शासन का ध्यान आकृष्ट करा प्रकरण की जांच कराने वाले पत्रकार पर ही अनर्गल आरोप लगा छवि धूमिल करने का कुत्सित प्रयास कर रहे। सप्लायर खुद को भाजपा जिला संगठन से जुड़ा दंतेवाड़ा का रसूख नेता बताता है । प्रदेश के मुख्यमंत्री का डीपी में तस्वीर लगा उनसे मजबूत संबधों का दावा करता फिर रहा, जिससे मामला और गंभीर हो जाता है,भाजपा स्वच्छ राजनीति करती है ,और जिनके दामन पर भ्रष्टाचार के छींटे लगे हो उनसे पार्टी किनारा करने में देर नहीं लगाती । चाहे वो आम कार्यकर्ता हो या फिर संगठन का बड़ा नेता । गत वर्ष ही बस्तर संभाग में करोड़ों के सड़क से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले उजागर करने वाले लोकप्रिय पत्रकार मुकेश चंद्रकार की ठेकेदारों ने हत्या करवा दी थी ,आदिवासी विकास विभाग के ठेकेदारों द्वारा पत्रकार को सीधे दी जा रही धमकी पत्रकार की सुरक्षा व स्वतंत्र ,निर्भिक पत्रकारिता के लिए कई तरह के सवाल खड़े कर रहा।