उत्तरप्रदेश । वाराणसी में 19 वर्षीय जीएनएम सेकेंड ईयर की छात्रा की मौत के मामले में पुलिस ने उसके प्रेमी मोहम्मद समीर को गिरफ्तार किया है। छात्रा बुधवार सुबह हॉस्टल की सीढ़ियों पर खून से लथपथ बेहोश मिली थी। उसे तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। छात्रा के पिता चंदौली में तैनात सिपाही हैं और परिवार के साथ वाराणसी में रहते हैं।
👉कॉल डिटेल और गार्ड की जानकारी से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने छात्रा की कॉल डिटेल्स खंगाली और हॉस्टल के गार्ड से पूछताछ की। गार्ड ने बताया कि जौनपुर निवासी मोहम्मद समीर अक्सर छात्रा से मिलने आता था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर उसे उसके घर से हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने कई अहम खुलासे किए।
👉3 महीने की गर्भवती थी छात्रा, दबाव में खिलाई गई दवा

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दोनों पिछले दो वर्षों से रिश्ते में थे और छात्रा तीन महीने की गर्भवती थी। परिवार की जानकारी के बिना गर्भपात कराने के लिए कोई डॉक्टर तैयार नहीं हुआ, जिसके बाद दोनों ने इंटरनेट और किताबों की मदद से खुद ही गर्भपात कराने की योजना बनाई। आरोपी का आरोप है कि छात्रा दवा खाने से हिचक रही थी और शादी की बात कर रही थी, लेकिन उसने दबाव बनाकर उसे गर्भपात की गोलियां खिला दीं।
👉दवा के बाद बिगड़ी हालत, प्रेमी छोड़कर भागा
दवा लेने के कुछ समय बाद छात्रा को तेज पेट दर्द, उल्टी और अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया। उसने अस्पताल ले जाने की गुहार लगाई, लेकिन इसी दौरान उसकी हालत और बिगड़ गई। सीढ़ियों से नीचे उतरते समय वह बेहोश होकर गिर पड़ी। आरोपी ने स्वीकार किया कि खून देखकर वह घबरा गया और छात्रा को वहीं छोड़कर अपने घर जौनपुर भाग गया। पुलिस को उसके मोबाइल से दोनों की चैट, फोटो और वीडियो भी मिले हैं।
👉डॉक्टरों ने दी चेतावनी, समय पर इलाज से बच सकती थी जान
पोस्टमॉर्टम दो डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ कराया गया है। एसीपी सारनाथ विद्युत सक्सेना ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है। वहीं स्त्री रोग विशेषज्ञों का कहना है कि तीन महीने की गर्भावस्था में बिना चिकित्सकीय निगरानी के गर्भपात की दवा लेना बेहद खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार समय पर अस्पताल पहुंचाने पर छात्रा की जान बचाई जा सकती थी।
