CG : SP ऑफिस में करोड़ों का वेतन घोटाला ! खुलासे से मचा हड़कम्प, डिजिटल रिकार्ड बदलकर निकाली गई राशि, 3 कर्मचारी गिरफ्तार ,बड़े खुलासे के आसार ,जांच जारी …

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में वेतन भुगतान से जुड़े एक कथित करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले का खुलासा होने से विभाग में हड़कंप मच गया है। नियमित ऑडिट में सामने आई अनियमितताओं के बाद हुई प्रारंभिक जांच में करीब 1.5 से 2 करोड़ रुपये की हेराफेरी की आशंका जताई गई है। मामले में 3 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

👉ऑडिट में खुली गड़बड़ी की परतें

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एसपी कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का नियमित आंतरिक और बाहरी ऑडिट कराया जाता है। हालिया ऑडिट के दौरान वेतन शाखा में वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद डीएसपी मुख्यालय स्तर पर जांच कराई गई, जिसमें वेतन भुगतान प्रक्रिया में गड़बड़ी की पुष्टि हुई।

👉डिजिटल रिकॉर्ड बदलकर बढ़ाया जाता था वेतन

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वेतन शाखा में पदस्थ सहायक गिरीश राय पर वेतन आहरण से पहले डिजिटल रिकॉर्ड (सॉफ्ट कॉपी) में बदलाव कर अपने और कुछ अन्य कर्मचारियों के वेतन में अवैध बढ़ोतरी करने का आरोप है। पूछताछ में आरोपी द्वारा इस तरीके को स्वीकार करने की बात भी सामने आई है। जांच के दौरान राजकुमार कत्लम और हेमंत मैथ्यू की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

👉लोन के नाम पर खातों में पैसा, फिर नकद वापसी!

विवेचना में यह भी सामने आया है कि कुछ कर्मचारियों के खातों में लोन देने के नाम पर अतिरिक्त वेतन राशि जमा कराई जाती थी और बाद में वह रकम नकद वापस ले ली जाती थी। पुलिस अब ऐसे सभी बैंक खातों और कर्मचारियों की जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

👉1.5 से 2 करोड़ की हेराफेरी की आशंका

पुलिस का अनुमान है कि पिछले करीब दो वर्षों में अलग-अलग खातों के जरिए 1.5 से 2 करोड़ रुपये तक की अवैध निकासी हुई हो सकती है। हालांकि, अंतिम राशि का खुलासा विस्तृत वित्तीय ऑडिट और जांच पूरी होने के बाद ही होगा। बस्तर के पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने कहा कि मामला अभी जांच के शुरुआती चरण में है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है और नए तथ्य सामने आने पर कानूनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जाएगा।