कोरबा -पसान। कटघोरा वन मंडल के पसान वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम जलके से एक बेहद हैरान करने वाला और प्रशासनिक तानाशाही को उजागर करने वाला वीडियो सामने आया है। जानकारी के अनुसार, यहाँ ग्राम वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष का चुनाव होना था। चुनाव प्रक्रिया और वन विभाग के कार्यों में अनियमितता को लेकर जब ग्रामीणों ने सवाल उठाए, तो मौके पर मौजूद डिप्टी रेंजर ने अपनी मर्यादा खो दी। उन्होंने ग्रामीणों को शांत करने के बजाय कैमरे के सामने ही ‘उठवा लेने’ की खुली धमकी दे डाली, जिससे माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।

👉वन प्रबंधन समिति के चुनाव में धांधली और भ्रष्टाचार का आरोप
बताया जा रहा है कि जलके में वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान विभाग की कार्यप्रणाली पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग द्वारा क्षेत्र में कराए जा रहे विकास व फेंसिंग कार्यों में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। ग्रामीणों ने मौके पर ही अधिकारियों को घेरते हुए कहा:
‘’यहाँ आधा परसेंट काम भी सही ढंग से नहीं हुआ है। पूरा डुप्लिकेट (घटिया) काम कराया गया है। जंगल में जाकर एक खूंटे को हाथ से सिर्फ एक धक्का दे दो, तो वह गिर जाएगा। पैसों का गबन छिपाने के लिए मनमर्जी चलाई जा रही है।”
👉सवाल पूछने पर भड़के डिप्टी रेंजर सोनी
जब चुनाव और काम में धांधली को लेकर ग्रामीणों ने तीखे सवाल किए और गड़बड़ी को रंगे हाथों पकड़ा, तो वहाँ तैनात डिप्टी रेंजर अयोध्या सोनी भड़क गए। उन्होंने ग्रामीणों को डराने के लहजे में कहा कि “एक मिनट नहीं लगेगा, उठवा दूँगा मैं।”
सरकारी अधिकारी के मुंह से ऐसी धमकी सुनते ही चुनावी माहौल में हंगामा और बढ़ गया। वीडियो बना रहे युवक ने उन्हें तत्काल टोकते हुए कहा:
‘’उठवाने वाली बात मत कीजिए सर! आम पब्लिक को उठवाने का पावर नहीं है आपको। आप हमारे सेवक हैं, जनता के टैक्स से आपको वेतन और वर्दी मिलती है। सरकार ने यह वर्दी जंगलों और हमारी रक्षा के लिए दी है, न कि हमें धमकाने या जंगल बेचने के लिए।”
👉सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, उच्च स्तरीय जांच की मांग
समिति चुनाव के दौरान हुई इस बदसलूकी और धमकी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। एक तरफ जहाँ वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आम नागरिकों के साथ किए गए इस दुर्व्यवहार से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
स्थानीय लोग अब कटघोरा वन मंडल के उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले डिप्टी रेंजर को तत्काल निलंबित किया जाए और जलके में हुए कार्यों की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए।
यह खबर सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और स्थानीय स्तर से मिली जानकारियों के आधार पर संकलित की गई है।
सोर्स- lallanguru.in
