CG : नकटी में विधायक आवास को विपक्षी विधायकों की ‘ना’, 4 कांग्रेस विधायकों ने ठुकराया सरकारी आवास का प्रस्ताव ,कहा -ऐसे आवास को स्वीकार नहीं करेंगे, जिसके लिए गरीबों को विस्थापित करना पड़े ….

रायपुर कोरबा। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक आवास परियोजना को लेकर कांग्रेस के भीतर आक्रामकता बढ़ती जा रही है। गरीब परिवारों के मकान हटाकर विधायकों के लिए आवास बनाए जाने के विरोध में अब कांग्रेस के 4 विधायकों ने सार्वजनिक रूप से ऐसे आवास लेने से इनकार कर दिया है।

इससे पार्टी के सामने नैतिक और राजनीतिक दोनों तरह की चुनौती खड़ी हो गई है। जानकारी के अनुसार कांग्रेस विधायक जनकराम ध्रुव के बाद महिला विधायक विद्यावती सिदार, चातुरी नंद, जनक ध्रुव और कविता प्राण लहरे ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वे ऐसे आवास को स्वीकार नहीं करेंगी, जिसके लिए गरीबों को विस्थापित करना पड़े। इन विधायकों का कहना है कि किसी भी जनप्रतिनिधि का घर गरीबों के आशियाने की कीमत पर नहीं बनना चाहिए।

👉कांग्रेस की विधायकों से अपील

इस मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने पार्टी विधायकों से अपील की है कि वे नकटी में प्रस्तावित आवास लेने से इंकार करें। बैज का कहना है कि सरकार के पास पर्याप्त खाली जमीन उपलब्ध है, इसलिए गरीबों के घर उजाड़कर विधायकों के लिए कॉलोनी बनाने का कोई औचित्य नहीं है।

उनका कहना है कि सरकार चाहें तो दूसरी जगह भी आवास परियोजना विकसित कर सकती है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस मामले को केवल राजनीतिक विरोध के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता के मुद्दे के रूप में देखा जाना चाहिए। पार्टी का मानना है कि गरीबों का पुनर्वास सुनिश्चित किए बिना उनके घरों को हटाना न्यायसंगत नहीं होगा।

👉कांग्रेस विधायक दल की बैठकः

सूत्रों के मुताबिक इस पूरे मामले पर जल्द ही कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई जा सकती है। बैठक में सभी विधायकों की राय लेकर पार्टी की ओर से एक साझा निर्णय लिया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि विधायक दल नकटी परियोजना के वर्तमान स्वरुप का विरोध करते हुए सरकार से वैकल्पिक जमीन पर विधायक आवास बनाने की मांग कर सकता है।विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी संकेत दिए हैं कि इस विषय पर विधायक दल के भीतर विस्तार से चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी विधायक के अंतिम निर्णय की आधिकारिक जानकारी नहीं है लेकिन साथियों से बातचीत कर रुख तय किया जाएगा।

👉कांग्रेस के सभी विधायक कर सकते हैं मकान वापसः

कांग्रेस के भीतर यह भी चर्चा है कि यदि पार्टी इस मुद्दे पर स्पष्ट और एकजुट रुख अपनाती है तो यह सरकार पर नैतिक दबाव बना सकता है। कई नेताओं का मानना है कि जनता के बीच यह संदेश जाना चाहिए कि कांग्रेस गरीबों के अधिकारों के साथ खड़ी है और उनके आशियाने की कीमत पर किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए सुविधा नहीं चाहती।

उधर, पार्टी के कुछ नेताओं का यह भी कहना है कि यदि सरकार वास्तव में विधायक आवास बनाना चाहती है तो पहले प्रभावित परिवारों का सम्मानजनक पुनर्वास किया जाए और उसके बाद ही
किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर परियोजना को आगे बढ़ाया जाए। उनका तर्क है कि विकास और जनसुविधाओं के नाम पर गरीबों के हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।

👉निष्कर्षः

नकटी आवास परियोजना को लेकर शुरु हुआ यह विवाद अब केवल एक निर्माण परियोजना तक सीमित नहीं रह गया है। यह राजनीतिक संवेदनशीलता, सामाजिक न्याय और जनप्रतिनिधियों की नैतिक जिम्मेदारी का मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में कांग्रेस विधायक दल की बैठक और उसके बाद पार्टी के आधिकारिक रुख पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

सोर्स -द सूत्र