0 अब करोड़ों के सामाग्री पूर्ति मद की राशि से कराए कार्यों की दस्तावेज छुपाए जाने पर अनियमितता के आसार
हसदेव एक्सप्रेस न्यूज कांकेर । आदिवासी बाहुल्य जिला उत्तर बस्तर कांकेर के 140 विभागीय आश्रम छात्रावासों के लिए जेम पोर्टल की आड़ में बाजार दर से लगभग दोगुने दर 8 से 10 हजार रुपए में मिलने वाले कम्प्यूटर टेबल की खरीदी 19 हजार 978 रुपए की दर से खरीदी कर जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएएमएफटी ) के फंड का बंदरबाट करने के मामले में मुख्यमंत्री सचिवालय एवं उपसचिव आदिम जाति विकास विभाग के जांच आदेश के बाद भी निहित स्वार्थ के तले दबे आयुक्त कार्यालय ने 3 माह उपरांत भी प्रकरण में जांच लटका रखी है । वहीं अब सामग्री पूर्ति मद में 1 करोड़ 1 लाख रुपए के प्राप्त आबंटन में सामाग्री की सूची वितरण संबधी अधीक्षकों की पावती 9 जून तक की स्थिति में भी प्रकियाधीन बताए जाने प्रदाय किए गए सामाग्रियों की सूची छुपाए जाने पर उक्त फंड के बंदरबांट की आशंकाएं बढ़ गई हैं।

यहाँ बताना होगा कि कार्यालय कलेक्टर जिला खनिज संस्थान न्यास कांकेर द्वारा कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कांकेर को वित्तीय वर्ष 2024 -25 में 140 विभागीय प्री./पो.मै. छात्रावासों एवं प्रयास आवासीय विद्यालय के लिए कम्प्यूटर एवं फर्नीचर सामाग्री प्रदाय करने 1 करोड़ 10 लाख 7 हजार 416 रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई थी। जिसमें विभाग ने 140 विभागीय प्री./पो.मै. छात्रावासों एवं प्रयास आवासीय विद्यालय के लिए कम्प्यूटर टेबल सीटर ,चेयर ,प्रिंटर -लेजर प्रिंटर -HP/Canon एवं कम्प्यूटर सिस्टम विद यूपीएस सीपीयू-मॉनिटर स्क्रीन 19 की-बोर्ड एंड मॉउस की खरीदी की जानी थी। उक्त सामाग्री जिला स्तरीय क्रय समिति के माध्यम से की गई है।उक्त बजट में क्रय किए गए सामाग्रियों के दर ,गुणवत्ता ,क्रय प्रक्रिया में अनियमितता को लेकर विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिल रही थी। जिसे देखते हुए सूचना के अधिकार के तहत क्रय प्रक्रिया,कार्यादेश ,आदि जानकारी चाही गई थी। विभाग द्वारा सूचना के अधिकार के तहत प्रदत्त जानकारी में डीएमएफ की राशि का बंदरबाट किया जाना स्वतः प्रदर्शित हो रहा था । जिला स्तरीय क्रय समिति की 19 नवंबर 2024 को जारी कार्यवाही विवरण में 140 विभागीय प्री./पो.मै. छात्रावासों एवं प्रयास आवासीय विद्यालय के लिए क्रय किए गए कम्यूटर टेबल (1 सीटर )की अनुमानित लागत 19 हजार 978 रुपए की दर से कुल 140 नग जेम पोर्टल व ई मार्केट प्लेस के माध्यम से क्रय करने कुल 27 लाख 96 हजार 920 रुपए प्रस्तावित किया गया था। विभाग द्वारा प्रदत्त कोटेशन की सत्यप्रतिलिपि के अवलोकन से उक्त सामाग्री फर्म छत्तीसगढ़ सेल्स एंड सप्लायर रायपुर से क्रय की गई है।जिसकी दस्तावेजी शिकायत पत्र क्रमांक 8404 दिनांक 09/04 /2026 के माध्यम से श्री विष्णुदेव साय जी माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन से दस्तावेजी शिकायत की गई थी। जिसके माध्यम से कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कांकेर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छ.ग. )द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 140 विभागीय प्री./पो.मै. छात्रावासों एवं प्रयास आवासीय विद्यालय के लिए कम्प्यूटर एवं फर्नीचर सामाग्री प्रदाय करने जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से स्वीकृत, प्रदत्त 1 करोड़ 10 लाख 7 हजार 416 रुपए की राशि में क्रय किए गए कम्प्यूटर टेबल सीटर, चेयर, प्रिंटर लेजर प्रिंटर -HP/Canon एवं कम्प्यूटर सिस्टम विद यूपीएस सीपीयू-मॉनिटर स्क्रीन 19 की-बोर्ड एंड मॉउस की खरीदी में राज्य भंडार क्रय नियम का विधिवत पालन किए बिना बाजार दर से अधिक की लागत से खरीदी कर शासकीय फंड के बंदरबाट करने वालों के विरुद्ध व्यापक लोकहित में राज्य स्तरीय अंतरविभागीय सँयुक्त जांच दल गठित कर अग्रलिखित बिंदुओं के आधार पर जांच कराते हुए जिम्मेदारों का चिन्हांकन कर नियमानुसार कार्रवाई का अनुरोध किया गया था।
जिस पर मुख्यमंत्री सचिवालय ने त्वरित संज्ञान लिया। अवर सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय ने 17 अप्रैल 2026 को सचिव (भारसाधक) छत्तीसगढ़ शासन आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति,पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग मंत्रालय को प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई का आदेश दिया था ।
👉उपसचिव आदिम जाति विकास विभाग के जांच आदेश को आयुक्त कार्यालय ने ढाई माह से लटकाई

अवर सचिव ,छत्तीसगढ़ शासन ,मुख्यमंत्री निवास कार्यालय रायपुर के पत्र क्रमांक 2500726010789 दिनांक 17.04.2026 के तहत दर्ज शिकायती प्रकरण में जांच के लिए कार्यालय आदिम जाति विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन ,नवा रायपुर के उप सचिव सरोजनी टोप्पो ने आयुक्त आदिम जाति विकास इंद्रावती भवन नवा रायपुर को दिनांक 23 अप्रैल 2026 को पत्र लेखकर शिकायत पत्रों में उल्लेखित तथ्यों की जांच कराकर प्रतिवेदन 15 दिवस के भीतर जनदर्शन पोर्टल में दर्ज कराने का निर्देश दिया था। लेकिन भ्रष्टाचार की जुगलबंदी में आज पर्यन्त प्रकरण की जांच तक नहीं हुई। जिम्मेदार महिला सहायक आयुक्त, शाखा लिपिकों के हौसले इस तरह के और फर्जीवाड़े को अंजाम देने बुलंद है,सुशासन की सरकार के आदेशों का माख़ौल उड़ा रहे हैं। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार प्रमुख सचिव कार्यालय,सचिव कार्यालय एवं आयुक्त कार्यालय की जुगलबंदी में भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेजी प्रकरणों में जिम्मदारों के विरुद्ध जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की जगह सीधे प्रश्रय देने का खेल खेला जा रहा है। दंतेवाड़ा,बीजापुर के बाद अब कांकेर के प्रकरणों में खुलेआम दिया जा रहा संरक्षण इसका प्रमाण है।
👉तो आधी दर पर मिल जाती कम्प्यूटर टेबल


विभाग ने एक कम्प्यूटर टेबल (1 सीटर)के लिए जितनी राशि प्रस्तावित कर व्यय की है उससे आधी राशि 10 हजार रुपए तक में मार्केट में स्टैंडर्ड क्वालिटी का कम्प्यूटर टेबल (1 सीटर) उपलब्ध है । इस तरह देखा जाए तो विभाग ने लगभग दोगुने दर से कम्प्यूटर टेबल (1 सीटर )क्रय कर डीएमएफ के लगभग 14 लाख रुपए का अपव्यय किया है।अब इसमें सम्बंधित अफसरों का फर्म से क्या निहित स्वार्थ रहता है यह तो जांच पड़ताल के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा लेकिन फिलहाल डीएमएफ की राशि का मितव्ययिता पूर्ण उपयोग न किए जाने से कई तरह के सवाल उठ रहे। 46 हजार 426 रुपए प्रति नग की दर से कुल 64 लाख 99 हजार 640 रुपए की दर से 140 नग क्रय किए गए कम्प्यूटर सिस्टम की भी चर्चा है। इसकी भी गुणवत्ता मानकों के परीक्षण की दरकार है ,ताकि वास्तविकता सामने आ सके।
👉कोटेशन में अनुमोदन नहीं ,गुणवत्ता ,मानकों के परीक्षण के लिए एजेंसी तय नहीं

केवल बाजार दर से दोगुने दर में कम्प्यूर टेबल की खरीदी सुर्खियां बनी हुई है वरन क्रय प्रक्रियाओं का भी विधिवत पालन नहीं किया गया है।जिला स्तरीय क्रय समिति में जिला पंचायत सीईओ हरेश मण्डावी जिला स्तरीय क्रय समिति के अध्यक्ष (कलेक्टर प्रतिनिधि)के नेतृत्व में गठित समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग सुश्री जया मनु ,महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र हिमालय सेठिया एवं जिला कोषालय अधिकारी रामानंद कुंजाम सदस्य के रूप में शामिल किए गए थे। लेकिन इसे गम्भीर चूक कहें या सोंची समझी चालाकी की जिला स्तरीय क्रय समिति के सदस्यों
का कोटेशन ,स्टीमेट में अनुमोदन नहीं लिया गया । यही नहीं क्रय किए गए सामाग्रियों के गुणवत्ता /मानकों के परीक्षण के लिए एजेंसी तक तय नहीं किया गया। कार्यवाही विवरण में इसका उल्लेख तक नहीं है,जो क्रय प्रक्रिया को सन्देहास्पद बनाती है।
👉9 जून तक सामाग्री पूर्ति मद के तहत आश्रम छात्रावासों में नहीं बंटी सामाग्री ,सामाग्रियों की सूची छुपाई , अनियमितता के आसार


न केवल डीएमएफ वरन सामाग्री पूर्ति मद में भी जमकर भ्रष्टाचार हुआ है।कांकेर में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1 करोड़ 1 लाख 92 हजार की आबंटन राशि में जमकर बंदरबाट किए जाने की विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिल रही है। इस मद से विभागीय आश्रम छात्रावासों में प्रदाय की गई सामाग्रियों की सूची तक साझा नहीं कि गई तो वहीं 9 जून की स्थिति में वितरण प्रक्रियाधीन बताकर आश्रम छात्रावास अधीक्षकों से प्राप्त पावती,वितरण पंजी तक उपलब्ध नहीं कराई गई।आयुक्त कार्यालय से इन मनमानेपन में खुला समर्थन साथ मिलने की वजह से किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई का भी संबंधितों में भय नहीं है,साथ ही कर्तव्य बोध नहीं है।
