KORBA : बांगों बांध लबालब ,9 गेट खुले ,41 हजार क्यूसेक पानी हसदेव नदी में छोंडा जा रहा ,34 से अधिक निचली तटीय बस्तियों ,गांवों में अलर्ट

कोरबा। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों सहित कोरबा जिले में भी हो रही मूसाधार बारिश और आगामी दिनों में भी तेज बारिश की चेतावनी के बीच नदी-नालों के किनारे बेजा कब्जा में घर बनाकर रहने वालों की मुसीबत बढ़ने लगी है। लगातार बारिश के कारण नदी- नाले उफान पर हैं तो वहीं जिले का मुख्य मिनीमाता बांगो बांध लबालब हो चुका है। बांध के कुल 9 गेट खोलकर कुल 41080 Cusec पानी हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है।

इसी तरह दर्री बांध के कुल चार गेट आज सुबह 11 बजे तक खोले गए थे। इसके बाद दर्री बांध में जलस्तर घटने के कारण एक गेट को बंद कर शाम 7 बजे की स्थिति में तीन गेट खोलकर 29300 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। हसदेव बरॉज दर्री जल संसाधन विभाग के श्री साय ने बताया कि बांगो बांध से डिस्चार्ज किया गया पानी दर्री बराज तक आने में वक्त लगेगा। आवश्यकता होगी या जैसा निर्देश मिलेगा, उसके आधार पर रात में गेट खोले जाएंगे। फिलहाल दर्री बांध में जल का स्तर स्थिर है।

हर बारिश की तरह इस बार भी निचली तटीय बस्तियों में मुसीबत बढ़ गई है। बांगो और हसदेव बराज से छोड़े जा रहे पानी के कारण हसदेव, अहिरन और अन्य सहायक नदियों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसके अलावा लगातार बारिश होने के कारण भी नदी-नाले प्रभावित हैं। नदी-नालों ने अपना दायरा बढ़ा लिया है जिसकी चपेट में उनके किनारे बसी बस्तियों के लोग आ रहे हैं। करीब 34 से अधिक निचली तटीय बस्तियों व गांवों में अलर्ट कर दिया गया है।

👉 बांगो बांध की स्थिति

आज दिनांक 16/08/2026 को शाम 4:00 बजे मिनीमाता बांगो बांध का लेवल 358.60M एवं 93.65% होने एवं पानी की अधिक आवक होने के कारण से मुख्य अभियंता महोदय बिलासपुर तथा अधीक्षण अभियंता कोरबा से चर्चा एवं अनुमति उपरांत वर्तमान में शाम 4:00 बजे से निम्नानुसार गेटों को खोलकर बाढ के पानी को नियंत्रित किया जा रहा है
गेट न.2 को 0.10M

गेट न.3 को 0.40M

गेट न.4 को 1.00M

गेट न.5 को 1.00M

गेट न.6 को 1.00M

गेट न.7 को 1.00M

गेट न.8 को 1.00M

गेट न.9 को 0.40M.

गेट न.10 को 0.10M

कुल 32080 Cusec तथा
पॉवर प्लांट हाइडल के द्वारा 9000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है इस प्रकार बांध से कुल 41080 Cusec पानी हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है। पिछले 2:30 घण्टे से बांध का जलस्तर स्थिर बना हुआ है।