कोरबा । कहते हैं ईमानदारी से बड़ी कोई दौलत नहीं होती । इक्कसवीं सदी के बदलते परिवेश के बावजूद आज भी यदा कदा ईमानदारी के ऐसे दृश्य देखने ,सुनने को मिल जाते हैं जो समाज के लिए नजीर बन जाते हैं । सड़क दुर्घटना के बाद सड़क पर गिरे शख्श के 50 हजार रुपये सुरक्षित लौटकर सतनामी समाज के समाजसेवक डॉ. मिथिलेश कुमार रात्रे ने ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश की है।

जानकारी के अनुसार करतला विकासखंड के बरपाली तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत सालिहाभांठा निवासी डॉ. मिथिलेश कुमार रात्रे, पिता पंचराम रात्रे, तुमान रोड स्थित पीपल पेड़ के पास करीब शाम 7 बजे मौजूद थे। इसी दौरान वहां एक बाइक सवार का दुर्घटना का शिकार हो गए । हादसे के दौरान बाइक सवार के पास रखे रुपये सड़क पर गिर गए। दुर्घटना के बाद डॉ. मिथिलेश कुमार रात्रे को सड़क पर गिरे हुए करीब ₹ 50,000 मिले।
इतनी बड़ी राशि मिलने के बाद भी उन्होंने उन्हें अपने पास रखने के बजाय मामले की जानकारी उरगा थाना प्रभारी को दी। थाना प्रभारी के दिशा-निर्देश के अनुसार डॉ. रात्रे थाना पहुंचे और थाना स्टाफ की मौजूदगी में दुर्घटना में गिरे हुए 50 हजार रुपये संबंधित बाइक सवार को वापस कर दिए।
डॉ. मिथिलेश कुमार रात्रे के इस कार्य की पुलिसकर्मियों और उपस्थित लोगों ने सराहना की। इस दौरान उरगा थाना प्रभारी द्वारा उनकी ईमानदारी की सराहना करते हुए 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि/इनाम प्रदान किया गया।
डॉ. रात्रे के इस कार्य से यह संदेश मिलता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी ईमानदारी और मानवता को प्राथमिकता देना समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने साबित किया कि किसी दूसरे व्यक्ति की परेशानी को समझकर उसकी मेहनत की कमाई सुरक्षित वापस करना ही सच्ची समाजसेवा है।
सतनामी समाज के समाजसेवक डॉ. मिथिलेश कुमार रात्रे की इस ईमानदार पहल की क्षेत्र में चर्चा हो रही है और लोग उनके कार्य की सराहना कर रहे हैं।
