सक्ती । सक्ती जिले में बंधन बैंक की लोन राशि में कथित धोखाधड़ी और गबन के मामले में पुलिस ने फरार आरोपी बैंककर्मी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बैंक में जमा की जाने वाली 1 लाख 42 हजार 550 रुपये की रकम खाते में जमा नहीं की गई। इतना ही नहीं खाताधारक को मृत दर्शाकर बजाज आलियांज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से राशि हासिल करने और बैंक खाता बंद करने की कोशिश भी की गई। पीड़ित खाता धारक की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर घटना के बाद से फरार चल रहे बैंककर्मी को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक मामला सक्ती थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक मामले की शिकायत मोनीष देवांगन ने थाना सक्ती में दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि बंधन बैंक के लोन खाते में जमा की जाने वाली रकम जमा नहीं की गई, जबकि इसके लिए खाताधारक को रसीद भी दी गई थी। जांच के दौरान प्रार्थी और गवाहों के बयान तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कमलेश सिंह (31), निवासी जावलपुर, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा के खिलाफ प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित पाया गया। पुलिस के अनुसार, कमलेश सिंह बंधन बैंक सक्ती में काम करता था।
पूछताछ में आरोपी ने अपने मेमोरेंडम कथन में कथित तौर पर बताया कि पुरुषोत्तम देवांगन और उर्मिला देवांगन के संयुक्त बैंक खाते में जमा होने वाली 1,42,550 रुपये की लोन राशि खाते में जमा नहीं की गई। आरोप है कि इस रकम को आरोपी ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर आपस में बांट लिया और उसका इस्तेमाल किया।
👉मृत बताकर इंश्योरेंस क्लेम कराने की कोशिश
मामले में सबसे अहम बात यह सामने आई कि खाताधारक उर्मिला देवांगन को मृत दर्शाने से संबंधित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस के अनुसार, इन दस्तावेजों के जरिए बजाज आलियांज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से राशि प्राप्त करने और बैंक खाता बंद करने का प्रयास किया गया। पुलिस का कहना है कि राशि जमा किए जाने की रसीद खाताधारक को दी गई थी, लेकिन वास्तविक रकम बैंक खाते में जमा नहीं की गई। घटना के बाद से आरोपी कमलेश सिंह फरार चल रहा था और जांच में सहयोग नहीं कर रहा था। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से उसके जावलपुर स्थित घर पर होने की सूचना मिली।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। विवेचना में मिले साक्ष्यों और आरोपी के कथन के आधार पर उसे 28 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक प्रफ्फुल कुमार ठाकुर के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल और एसडीओपी सक्ती डॉ. भुनेश्वरी पैकरा के मार्गदर्शन में की गई।
