दिग्गज अभिनेता पद्म श्री विभूषित 75 वर्षीय ‘क्रांतिवीर’ नहीं रहे ,गोवा स्थित घर में नाना पाटेकर को आया कार्डियक अरेस्ट,45 मिनट CPR के बाद भी नहीं बची जान

गोवा । दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह निधन हो गया। रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें गोवा स्थित अपने घर पर हार्ट अटैक आया था। उन्हें बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक CPR दी गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

डॉ. शेखर सालकर के मुताबिक नाना पाटेकर का सुबह 5:20 बजे निधन हुआ। उनके निधन के बाद मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।

👉’परिंदा’ में विलेन बने, 3 नेशनल अवॉर्ड जीता

1989 की फिल्म ‘परिंदा’ में नाना पाटेकर ने अन्ना का किरदार निभाया, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। 1994 की ‘क्रांतिवीर’ के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला।

1996 की ‘अग्निसाक्षी’ के लिए भी उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। इस तरह उन्हें करियर में 3 नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिले। भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए नाना पाटेकर को 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने हिंदी के साथ मराठी फिल्मों में भी काम किया

👉नाना पाटेकर का फिल्मी सफर

नाना पाटेकर ने 1978 में फिल्म ‘गमन’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने हिंदी के साथ-साथ मराठी सिनेमा में भी अपनी अलग पहचान बनाई। ‘अंकुश’, ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘खामोशी’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदारों को दर्शकों ने खूब पसंद किया। गंभीर भूमिकाओं से लेकर खलनायक और कॉमेडी किरदारों तक उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता का प्रभाव छोड़ा।

👉अलग अंदाज ने बनाई खास पहचान

नाना पाटेकर की पहचान सिर्फ उनके किरदारों से नहीं, बल्कि उनके संवाद बोलने के खास अंदाज और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस से भी बनी। ‘परिंदा’ में उनके अभिनय को खास तौर पर सराहा गया। वहीं ‘क्रांतिवीर’ के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। लंबे फिल्मी करियर के दौरान उन्होंने अभिनय के साथ निर्देशन और सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

👉आखिरी दौर तक फिल्मों में रहे सक्रिय

उम्र के इस पड़ाव पर भी नाना पाटेकर फिल्मों से पूरी तरह दूर नहीं हुए थे। 2025 में वह ‘हाउसफुल 5’ में नजर आए थे। इसके अलावा ‘ओ रोमियो’ और ‘सूबेदार’ जैसी फिल्मों में भी उनके काम की चर्चा रही। उनके निधन के साथ ही भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे अभिनेता को खो दिया, जिसने दशकों तक अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाए रखी।