CG :सहायक आयुक्त ,जनपद CEO का प्रभार अन्य अधिकारियों को नहीं दे सकेंगे कलेक्टर ,मनमानी पर ट्राईबल अंडर सेक्रेटरी का नकेल !देखें आदेश

0 कोर्ट में बढ़ते न्यायालयीन प्रकरण से धूमिल हो रही छवि को देखते हुए लिया बड़ा निर्णय

हसदेव एक्सप्रेस न्यूज रायपुर -कोरबा । अब प्रदेश में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत का प्रभार अन्य विभाग के अधिकारी को दिए जाने की चली आ रही परंपरा पर पूर्णतः लगाम लग जाएगी। कलेक्टरों की ऐसे मनमाना आदेशों से बढ़ते न्यायालयीन प्रकरणों से धूमिल होती विभागीय छवि को देखते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय
आदिम जाति विकास विभाग ने लिया है। अवर सचिव ने इस आशय का आदेश समस्त संभागायुक्त, कलेक्टर,
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत को जारी कर दिया है।

पत्र क्रमांक 7464 दिनांक 7 अक्टूबर को जारी विभागीय निर्देश के तहत उल्लेख किया गया है कि विषयांतर्गत संदर्भित परिपत्र का कृपया अवलोकन करें, जिसमें विभाग अंतर्गत कार्यरत सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, सहायक संचालक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत का प्रभार अन्य विभाग के अधिकारियों को नहीं दिये जाने के संबंध में निर्देश दिए गए है।

विभाग अंतर्गत कार्यरत सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत द्वारा विभाग के वार्षिक योजना बनाना, विकास योजनाओं का संचालन, कार्यों की स्वीकृति/निर्माण कार्यों की निगरानी, योजनाओं का क्रियान्वयन तथा ग्राम पंचायतों से प्राप्त योजनाओं/प्रस्तावों का समन्वय आदि कार्यों का संपादन किया जाता है। विभाग संबंधित समस्त योजनाओं का जमीनी कार्यालयों में देख-रेख जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का संचालन किया जाता है। विभागीय अधिकारियों को कार्य की आवश्यकता अनुरूप पदस्थ किया जाता है।

प्रायः यह देखने में आया है कि कलेक्टर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत द्वारा विभागीय परिपत्र दिनांक 11.04.2025 का पालन न करते हुए शासन के बिना संज्ञान में लाए हुए विभाग द्वारा पदस्थ किए गए सहायक आयुक्त, सहायक संचालक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत का अपने स्तर से प्रभार बदलते हुए अन्यत्र स्थान पर पदस्थ किया जाता है। कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत भी विभागीय अधिकारियों को कार्य आबंटन नही किया जाता है। जिसके कारण गत वर्ष कई न्यायालयीन प्रकरण निर्मित हुए है, जिससे विभाग की छवि धुमिल होती है तथा विभाग का कार्य भी प्रभावित होता है।
कृपया ऐसी स्थिति में विभागीय परिपत्र दिनांक 11.04.2025 का पालन करना सुनिश्चित करने का कष्ट करें।

👉क्या होगा निर्देशों का पालन ? कलेक्टरों पर टिकी निगाह

अब देखना यह है कि अवर सचिव आदिम जाति विकास विभाग के निर्देशों का प्रदेश के जिलों में कलेक्टर पालन सुनिश्चित कराने में कितना सफल रहते हैं। क्योंकि बड़े जिलों में कलेक्टरों ने ही नियमों से परे जाकर अन्य विभाग के कनिष्ठ अधिकारियों को इसका प्रभार दे रखा है। विकास विस्तार अधिकारी कोरबा जैसे बड़े जिलों में प्रभारी जनपद सीईओ बनाए गए हैं।निर्देशों का पालन सुनिश्चित होने पर कई जनपद सीईओ की छुट्टी हो जाएगी।