कैसे करेंगे कुपोषण पर प्रहार !पहाड़ी कोरवा बाहुल्य सेक्टर सहित 5 परियोजनाओं के 500 आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं पहुंचा टीएचआर ,रेडी टू ईट वितरण में एग्रो फूड कार्पोरेशन लिमिटेड की लचर व्यवस्था से टीएचआर से वंचित हो जाएंगे 7500 से अधिक नौनिहाल

कैसे करेंगे कुपोषण पर प्रहार !पहाड़ी कोरवा बाहुल्य सेक्टर सहित 5 परियोजनाओं के 500 आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं पहुंचा टीएचआर ,रेडी टू ईट वितरण में एग्रो फूड कार्पोरेशन लिमिटेड की लचर व्यवस्था से टीएचआर से वंचित हो जाएंगे 7500 से अधिक नौनिहाल

हसदेव एक्सप्रेस न्यूज कोरबा । राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम की उत्पादनकर्ता फर्म छत्तीसगढ़ एग्रो फूड कार्पोरेशन लिमिटेड के लापरवाही की वजह से आकांक्षी जिला कोरबा में मंगलवार को राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों सहित हजारों नौनिहालों तक रेडी टू ईट नहीं बंटेगा । छत्तीसगढ़ एग्रो फूड कार्पोरेशन लिमिटेड आंगनबाड़ी के केंद्रों तक रेडी टू ईट पहुंचाने में नाकाम नजर आ रहा। सोमवार को जिले के 5 परियोजनाओं के 20 सेक्टरों के करीब 500 आंगनबाड़ी केंद्रों में तीसरे मंगलवार को वितरण के लिए रेडी टू ईट नहीं पहुंचा था।

यहां बताना होगा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 6 माह से 6 वर्ष के
नौनिहालों ,किशोरियों,गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पोषण के लिए कार्य किया जा रहा है। पूर्व में स्थानीय महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से रेडी टू ईट कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा था । गेहूं ,सोया ,चना ,मूंगफली मिश्रित पौष्टिक पोषण आहार रेडी टू ईट य माह से 3 वर्ष तक के बच्चों ,गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के लिए प्रत्येक मंगलवार को दिए जाने का प्रावधान है ताकि उन पर कुपोषण की काली छाया न पड़े ,कुपोषित हितग्राही इसके दायरे से बाहर निकल सकें। लेकिन 24 दिसंबर 2021 को छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा कैबिनेट में लिए गए निर्णय अनुसार राज्य बीज निगम की स्थापित इकाईयों के माध्यम से स्वचलित मशीनों के माध्यम से रेडी टू ईट का उत्पादन करने का निर्णय लिया था। इसके पीछे शासन ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाईन का हवाला दिया है जिसमें मानव स्पर्श रहित गुणवत्ता युक्त आवश्यक पोषक तत्वों से भरे रेडी टू ईट बच्चों की सेहत के लिए उपयुक्त बताया गया है। सरकार के इस फैसले से पिछले करीब डेढ़ दशक से रेडी टू ईट का निर्माण कर रहीं स्व सहायता समूह के हाथों से रोजगार छीन गया । 20 हजार से अधिक महिलाएं सीधे तौर पर इससे प्रभावित हुईं ।
1 अप्रैल से राज्य बीज निगम की स्थापित इकाईयों के स्वचलित मशीनों के माध्यम से तैयार रेडी टू ईट बच्चों तक पहुंचाई जा रही है। जिले में राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम की इकाई छत्तीसगढ़ एग्रो फूड कार्पोरेशन लिमिटेड को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। आपूर्तिकर्ता फर्म को कोरबा में सभी पुराने समूहों का अनुबंध समाप्त हो जाने की वहज से न केवल रेडी टू ईट तैयार करना है वरन सभी 10 परियोजनाओं के 2548 आंगनबाडियों में पहुंचाने का भी दायित्व दिया गया है। लेकिन फर्म जून माह का आधा समय गुजर जाने के बाद भी तीसरे मंगलवार के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों तक रेडी टू ईट नहीं पहुंचा पा रहा। प्रखर समाचार की पड़ताल में सोमवार को खबर लिखे जाने तक 5 परियोजनाओं के 20 सेक्टरों के करीब 500 आंगनबाड़ी केंद्रों में तीसरे मंगलवार को वितरण के लिए रेडी टू ईट नहीं पहुंचा था। जिससे सीधे तौर तकरीबन 7500 बच्चे टीएचआर से वंचित हो जाएंगे।।

जानें कहाँ नहीं पहुंचा रेडी टू ईट

सोमवार को समाचार लिखे जाने तक रेडी टू ईट वितरण के लिए नियुक्त ब्लॉक समन्वयक से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पाली परियोजना से लाफा ,ईरफ ,बतरा ,मुनगाडीह,पोंडी परियोजना में बिंझरा, जटगा कोरबा ग्रामीण परियोजना में पहाड़ी कोरवा बाहुल्य सेक्टर लेमरू ,गढ़उपरोडा एवं अजगरबहार सेक्टरों में रेडी टू ईट नहीं पहुंचा था। चोटिया परियोजना के सभी 4 सेक्टर ,चोटिया ,पाली ,कोरबी एवं मोरगा सेक्टर में आज से रेडी टू ईट पहुंचाए जाने की बात कही गई। वहीं पसान परियोजना के सभी 7 सेक्टर पसान ,कर्री ,पिपरिया ,लैंगा ,पुटीपखना,तनेरा ,अमलीकुंडा में कहीं भी रेडी टू ईट नहीं बंटा था। ब्लाक समन्वयक का कहना था रेडी टू ईट गोदाम में पहुंच गया है। उन्होंने सोमवार से रेडी टू ईट वितरण किए जाने की बात कही थी।जिसमें सभी केंद्रों तक पहुंचने में 3 से 4 दिन का वक्त लग सकता है। इस तरह 5 परियोजनाओं के 20 सेक्टरों के 500 आंगनबाड़ी केंद्रों के तकरीबन 7500 बच्चे मंगलवार कहीं रेडी टू ईट से वंचित न रह जाएं।

बॉक्स

वितरण व्यवस्था सुनिश्चित कराने जिला व ब्लाक समन्वयक नियुक्त किए फिर भी नहीं सुधरे हालात

राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम की अनुबंधित उत्पादन कर्ता फर्म छत्तीसगढ़ एग्रो फूड कार्पोरेशन लिमिटेड को रेडी टू ईट के निर्माण एवं वितरण की जिम्मेदारी है।फर्म ने रेडी टू ईट की वितरण व्यवस्था हेतु जिला एवं ब्लाक समन्वयक की नियुक्ति की है । बावजूद इसके वितरण व्यवस्था की लचर स्थिति शासन के कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के संकल्प व सुपोषण अभियान में पानी फेर रही।

वर्जन

पहुंचा रहे हैं रेडी टू ईट

गोदामों के माध्यम से रेडी टू ईट की वितरण केंद्रों तक सुनिश्चित कर रहे। ब्लाक समन्वयक यह कार्य करा रहे। जहां भी रेडी टू ईट नहीं पहुंचा है पहुंचा रहे।

श्री संतराम ,जिला समन्वयक रेडी टू ईट वितरण व्यवस्था

कोरबा