रायगढ़। जिले के परसकोल गांव में हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस हिरासत में एक ग्रामीण की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने दो पुलिसकर्मी आरक्षक बिसोप सिंह और योगेश साहू को जांच पूरी होने तक लाइन अटैच कर दिया है। वहीं पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार की शाम को नेशनल हाईवे 49 में घटना के विरोध में चक्काजाम कर दिया। समाज के लोगों ने 1 करोड़ रुपए मुआवजा, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन के साथ दंडात्मक कार्रवाई की मांग रखी। प्रशासन और समाज के प्रतिनिधियों के बीच इस विषय पर घंटों तक विचार-विमर्श हुआ। ग्रामीण मानने को तैयार नहीं थे।
जानकारी मिलने पर खरसिया विधायक उमेश पटेल भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समर्थन देते हुए उनकी मांगों की जानकारी ली। जिसके बाद देर रात विधायक की मौजूदगी में प्रशासन और पीड़ित परिवार के बीच दोषी पुलिस वालों के खिलाफ मजिस्ट्रियल जांच, मृतक की पत्नी को कलेक्टर दर से आसपास के शासकीय स्कूल में नौकरी, जांच पूरी नहीं होने तक दोषी पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया गया है।
