ChatGPT को पीछे छोंड़ प्ले स्टोर पर नंबर -1बना गैस बुकिंग ऐप, लोगों ने तेजी से प्ले स्टोर पर किया डाउनलोड ….

दिल्ली । पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच भारत में एलपीजी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसी के बीच IndianOil One ऐप ने एक बड़ा रिकॉर्ड बना दिया है. भारतीय तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन का यह गैस सिलेंडर बुकिंग ऐप अचानक भारत में ChatGPT को पीछे छोड़ते हुए गूगल प्ले स्टोर और ऐपल ऐप स्टोर दोनों पर फ्री ऐप कैटेगरी में नंबर-1 बन गया है.

पिछले कुछ दिनों में इस ऐप के डाउनलोड में अचानक भारी उछाल देखा गया है. बताया जा रहा है कि पश्चिम एशिया के अहम समुद्री मार्ग Strait of Hormuz को लेकर बने हालात के कारण ऊर्जा सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका बढ़ी है. इसी वजह से भारत में गैस सिलेंडर को लेकर लोगों में चिंता बढ़ी और बड़ी संख्या में लोग ऐप के जरिए बुकिंग करने लगे. रविवार सुबह (15 मार्च) तक IndianOil One ऐप भारत में फ्री ऐप्स की सूची में पहले स्थान पर बना हुआ था.

👉कई शहरों में गैस के लिए लगी लंबी कतारें

एलपीजी सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता का असर शहरों में भी देखने को मिला. कई एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन सेंटरों पर लोगों की लंबी कतारें लग गईं. स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई रेस्टोरेंट और खाने-पीने की दुकानों ने अस्थायी रूप से बंद रहने या सीमित मेन्यू रखने का फैसला किया, ताकि गैस की कमी से निपटा जा सके.

ऐप स्टोर पर रैंकिंग कैसे तय होती है?

गूगल प्ले स्टोर और ऐपल ऐप स्टोर पर ऐप की रैंकिंग कई फैक्टर्स के आधार पर तय की जाती है. इसमें हाल के दिनों में ऐप की लोकप्रियता और डाउनलोड का बड़ा असर होता है.

👉रैंकिंग तय करने वाले मुख्य फैक्टर्स:

👉Recent download velocity: कम समय में तेजी से बढ़ते डाउनलोड.

👉Growth trend: तेजी से ट्रेंड करने वाले ऐप्स को ज्यादा प्राथमिकता.

👉Install vs uninstall ratio: जितने ज्यादा लोग ऐप इंस्टॉल करते हैं और कम हटाते हैं, उतनी बेहतर रैंकिंग.

👉Ratings और reviews: अच्छी रेटिंग वाले ऐप्स को ज्यादा फायदा मिलता है.

👉Regional popularity: किसी खास क्षेत्र में अचानक बढ़ी लोकप्रियता.

👉हालांकि एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के लिए कई ऐप मौजूद हैं, लेकिन IndianOil One की रेटिंग और डाउनलोड दोनों ही ज्यादा बताए जा रहे हैं, जिससे इसकी रैंकिंग तेजी से ऊपर पहुंची.

👉गूगल पर भी बढ़ी गैस से जुड़ी सर्च

ऐप डाउनलोड के साथ-साथ इंटरनेट पर भी गैस से जुड़ी जानकारी खोजने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है. गूगल ट्रेंड्स के मुताबिक हाल के दिनों में ‘कुकिंग गैस’ और ‘इंडेन’ जैसे शब्दों की सर्च में बड़ा उछाल आया है. रिपोर्ट के मुताबिक 8 मार्च के बाद यह उछाल और ज्यादा बढ़ गया, जब भारत में संभावित एलपीजी कमी को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं.